पटना। राज्य के हड़ताली राजस्व कर्मियों के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंतिम अवसर की घोषणा की है। विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि जो भी राजस्व कर्मचारी 30 मई 2025, शुक्रवार को शाम 5 बजे तक हड़ताल समाप्त कर अपने कार्यस्थल पर योगदान देंगे, उन्हें हड़ताल की अवधि के लिए उपार्जित अवकाश की स्वीकृति दी जाएगी और उनकी सेवा को नियमित माना जाएगा।
सचिव ने स्पष्ट किया है कि 30 मई की समयसीमा के बाद योगदान करने वाले कर्मचारियों को “नो वर्क, नो पे” के सिद्धांत पर वेतन का भुगतान किया जाएगा और उनकी सेवा नियमित करने पर विभाग बाद में निर्णय लेगा। इससे पहले विभाग ने 21 मई 2025 को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सभी हड़ताली राजस्व कर्मचारियों को निर्देश दिया था कि वे तीन दिनों के भीतर कार्य पर लौटें। इस निर्देश के बाद कई कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर अपने पदस्थापन स्थल पर योगदान दे दिया है।
पढ़ें: भीषण अग्निकांड में छह से ज्यादा घर जलकर खाक, लाखों की संपत्ति को पहुंचा नुकसान; सोते समय हुआ हादसा
विभाग ने अब भी हड़ताल पर बने कर्मचारियों के लिए चेतावनी जारी की है। उनके लिए यह अंतिम अवसर है कि वे 30 मई की निर्धारित समयसीमा तक वापस लौटें, अन्यथा उन्हें न केवल वेतन से वंचित होना पड़ेगा बल्कि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई भी आरंभ कर दी जाएगी। इसके अलावा यदि उन्होंने विभागीय लैपटॉप अब तक कार्यालय में वापस नहीं किया है तो उनके खिलाफ लोक मांग वसूली अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों से यह भी कहा है कि ऐसे राजस्व कर्मियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन जल्द से जल्द विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि आगे की प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा सकें।