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Bihar: बेहतर शिक्षा देने वाले 61 शिक्षकों को मिला 'टीचर ऑफ द मंथ' का पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र देकर हुई सराहना

Thu, 29 May 2025 02:10 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar: शिक्षा विभाग की इस पहल से राज्य के शिक्षक वर्ग में उत्साह का माहौल है। शिक्षकों का मानना है कि इस प्रकार के पुरस्कार न केवल उनके कार्यों की सराहना करते हैं, बल्कि उन्हें और अधिक समर्पित होकर विद्यार्थियों के भविष्य संवारने के लिए प्रेरित भी करते हैं।
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सांकेतिक - फोटो : META AI
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विस्तार
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बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और स्कूल स्तर पर कार्यरत शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग द्वारा ‘टीचर ऑफ द मंथ’ योजना चलाई जा रही है। इस क्रम में अप्रैल माह के लिए राज्यभर से 61 उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया गया है।

अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, डॉ. एस. सिद्धार्थ की अनुशंसा पर चयनित इन शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन शिक्षकों को दिया गया है, जिन्होंने अपने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, नवाचार अपनाने और विद्यार्थियों के हित में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

शिक्षा विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, वैशाली जिले के जनदाहा प्रखंड स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, चक्काजायब के शिक्षक मोहम्मद अजहर को ‘टीचर ऑफ द मंथ’ चुना गया है। इसी तरह सुपौल जिले के जगतपुर मध्य विद्यालय की शिक्षिका दीप शिखा, छातापुर प्रखंड के केवला प्राथमिक विद्यालय के नरेश कुमार निराला, सीतामढ़ी जिले के पुपरी प्रखंड के परसौनी मध्य विद्यालय की शिक्षिका अनुराधा कुमारी और समस्तीपुर के पूसा प्रखंड स्थित दिघरा उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक मुकेश कुमार ‘मृदुल’ को भी अप्रैल माह के लिए यह सम्मान प्राप्त हुआ है।

राज्यभर के शिक्षक सम्मानित

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इसके अतिरिक्त समस्तीपुर के हसनपुर प्रखंड स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय, मालदह के शिक्षक बैद्यनाथ रजक, पूर्णिया जिले के मंझेलीहाट मध्य विद्यालय के शिक्षक बिरजू कुमार, कसवा प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय, ठाकुरबाड़ी मुसहरी टोला की शिक्षिका उषा कुमारी और पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन प्रखंड स्थित महंथ रामजी दास शशिभूषण दास प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय की शिक्षिका अनम शेख को भी इस सम्मान से नवाजा गया है।

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शिक्षकों को प्रेरित करने की पहल

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शिक्षा विभाग की इस पहल से राज्य के शिक्षक वर्ग में उत्साह का माहौल है। शिक्षकों का मानना है कि इस प्रकार के पुरस्कार न केवल उनके कार्यों की सराहना करते हैं, बल्कि उन्हें और अधिक समर्पित होकर विद्यार्थियों के भविष्य संवारने के लिए प्रेरित भी करते हैं।

गौरतलब है कि ‘टीचर ऑफ द मंथ’ योजना की शुरुआत प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को ऊंचा उठाने के उद्देश्य से की गई है। विभाग का मानना है कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को पहचान और सम्मान देने से शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मक बदलाव आएगा।

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