मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल
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बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 3,268 राजस्व कर्मचारियों का स्थानांतरण कर दिया है। खास बात यह है कि पहली बार पूरी प्रक्रिया रैंडमाइज्ड कंप्यूटर सिस्टम और ऑनलाइन आवेदन के आधार पर पूरी की गई। इस स्थानांतरण प्रक्रिया का अनुमोदन विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कंप्यूटर का बटन क्लिक कर किया। सरकार का दावा है कि इससे ट्रांसफर प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश खत्म होगी।
ऑनलाइन आवेदन के आधार पर हुआ तबादला
विभाग के अनुसार, सभी कर्मचारियों से बिहार भूमि पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। इन्हीं आवेदनों और कंप्यूटर आधारित रैंडमाइज्ड सिस्टम के आधार पर तबादलों को अंतिम रूप दिया गया। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से सभी कर्मचारियों के साथ निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित हुआ है।
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प्राथमिकता के आधार पर मिली पोस्टिंग
स्थानांतरण के दौरान सरकार ने तय मानकों का पालन किया। सबसे पहले दूरी के आधार पर, फिर महिला कर्मचारियों, पति-पत्नी एक साथ पोस्टिंग (स्पाउस ग्राउंड), गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और अन्य विशेष परिस्थितियों को प्राथमिकता दी गई।
कई कर्मचारियों को मिली पसंदीदा पोस्टिंग
विभाग के सचिव ने बताया कि स्थानांतरित 3,268 कर्मचारियों में 3,142 पुरुष और 126 महिला कर्मचारी शामिल हैं। इनमें 1,820 कर्मचारियों को उनकी पहली पसंद के अनुसार पोस्टिंग मिली। 380 कर्मचारियों को दूसरी पसंद और 141 कर्मचारियों को तीसरी पसंद वाले स्थान पर तैनाती दी गई। इस तरह कुल 2,341 कर्मचारियों को उनकी पसंद के अनुसार पोस्टिंग मिली। वहीं, 880 कर्मचारियों को उनके गृह जिले के पड़ोसी जिले में पदस्थापित किया गया।
जल्द अमीनों का भी होगा तबादला
राजस्व विभाग ने बताया कि इसी तकनीक आधारित व्यवस्था के जरिए जल्द ही अमीनों का स्थानांतरण भी किया जाएगा। सरकार का कहना है कि भविष्य में विभाग के अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी इसी तरह की पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था अपनाई जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और भरोसेमंद बनी रहे।