बिहार में पर्यटन क्षेत्र तेजी से विस्तार की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास के साथ पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम कर रही है। पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बुधवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वर्ष 2025 में बिहार में 6.62 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे, जबकि वर्ष 2026 में मई तक ही 3.42 करोड़ से ज्यादा पर्यटकों का आगमन दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े बिहार में पर्यटन के प्रति बढ़ते भरोसे और संभावनाओं का संकेत हैं।
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना मद से 1301 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। वहीं, प्रगति यात्रा-2025 के दौरान घोषित 36 परियोजनाओं पर करीब 2710.31 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्राथमिकता के आधार पर चल रहा है।
सीता जन्मस्थली से लेकर पटना साहिब तक होगा विकास
पर्यटन मंत्री ने बताया कि पुनौराधाम (मां सीता जन्मस्थली), सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर, राजगीर, वाल्मीकिनगर, फुलहर, सिंहेश्वर, कुशेश्वरस्थान, पटना हाट और तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब सहित कई प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास का कार्य तेजी से चल रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक और विरासत पर्यटन को नई पहचान देना है।
तीन नई योजनाओं को मिली मंजूरी
मंत्री ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु तीन नई योजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना-2026, सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता योजना-2026 और मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
श्रावणी मेले में होगी विशेष व्यवस्था
मंत्री ने बताया कि श्रावणी मेला-2026 के दौरान भागलपुर, बांका और मुंगेर समेत संबंधित क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। टेंट सिटी, सूचना केंद्र, आकर्षक प्रवेश द्वार, लेजर शो, ड्रोन शो, बेहतर रोशनी, बैरिकेडिंग, स्वास्थ्य सेवाएं और प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके। बिहार पर्यटन नीति-2023 के तहत निजी निवेश को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग के अनुसार अब तक 37 निवेश प्रस्तावों को प्रथम चरण की मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि दो परियोजनाओं को अंतिम स्वीकृति मिल चुकी है। राज्य में फाइव स्टार होटल परियोजनाओं पर भी काम आगे बढ़ रहा है।
विभाग की पत्रिका का 'यायावर' का भी विमोचन किया गया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पर्यटन विभाग की विभागीय पत्रिका 'यायावर' का भी विमोचन किया गया। विभाग के विशेष सचिव सह निदेशक उदयन मिश्रा ने बताया कि इस पत्रिका में विभाग की योजनाओं, गतिविधियों और पर्यटन स्थलों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रकाशित की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बिहार को सुरक्षित, आधुनिक और विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।