बिहार की सियासत में इस वक्त भूचाल आ चुका है। लोजपा में दोफाड़ के बाद अब कांग्रेस में टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस के 10 विधायक पाला बदलने के लिए तैयार हैं, लेकिन तीन और एमएलए को तोड़ने की कोशिश हो रही है, जिससे उन्हें दलबदल कानून से बचाया जा सके। हालांकि, इस मसले पर कांग्रेस नेताओं ने सफाई दी। उन्होंने साफ-साफ कहा कि यह महज अफवाह है। साथ ही, एनडीए से असंतुष्ट विधायकों को महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव दिया।
यह है पूरा मामला
सूत्रों के मुताबिक, बिहार में राजनीतिक घटनाक्रम काफी तेजी से बदल रहा है। इस बीच कांग्रेसी पृष्ठभूमि वाले जदयू के एक मंत्री ने 'ऑपरेशन कांग्रेस' की गति बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने पुराने संपर्कों का इस्तेमाल किया। साथ ही, कांग्रेस के 19 में से करीब 10 विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए तैयार कर लिया है। अब मामला दो तिहाई की संख्या पर अटक गया है। दरअसल, कांग्रेस के 19 में से कम से कम 13 विधायक कांग्रेस छोड़ेंगे तभी दलबदल नीति के तहत कार्रवाई से बच पायेंगे।
कांग्रेस ने दी यह सफाई
विधायकों की टूट पर कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने सफाई दी है। उन्होंने विधायकों के दल बदलने को महज अफवाह करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा-जदयू की सरकार में जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी सहज नहीं हैं। इसके चलते कांग्रेस में टूट होने की अफवाह फैलाई रही है। कांग्रेस का एक भी विधायक कहीं नहीं जा रहा।