मीडिया को संबोधित करते हुए नीरज कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में जो पटकथा लिखी गई है और मोदी जी की जोड़ी एवं हमारे गठबंधन के घटक दल के सम्मानित नेतागण हैं। उनके संयुक्त अभियान के कारण विपक्ष हताशा में है बेचैनी में तड़प रहा है। अब लालू प्रसाद को संविधान खतरा में लग रहा है, जबकि संविधान तो डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने बनाया है। उसी संविधान ने लालू जी को सजायाफ्ता घोषित कर दिया है। ।
लालू प्रसाद संविधान पर खतरे की बात करते हैं तो आपके लिए या पिछड़ा वर्ग, दलित और अति पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय के लिए एक संदेश है कि लालू प्रसाद यादव बिहार के नव जमीदार हैं। लालू प्रसाद एवं उनके परिवार के पास आज केवल पटना शहर में 43 बीघा 12 कट्ठा जमीन है। 486 करोड़ की संपत्ति है। लालू यादव को अपनी संपत्ति का खतरा लग रहा है। एनडीए में हमारी सरकार बनना तय है। 2024 के चुनाव परिणाम आने के बाद लालू प्रसाद ने नौकरी के नाम पर जो संपत्ति इन्होंने अर्जित किया है, उस संपत्ति को अधिग्रहित करेंगे और अधिकृत करके अनाथालय बनाएंगे, दिव्यांग जनों के लिए रहने के लिए आश्रम बनाएंगे, वृद्ध आश्रम बनाएंगे।
वहीं उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद एवं तेजस्वी यादव को यह बताना चाहिए की 43 बीघा 12 कट्ठा जमीन कहां से आया है। यहां भाकपा माले की उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं उन्हें यह बताना चाहिए कि 43 बीघा 12 कट्ठा जमीन पटना जैसे शहर में कहां से आया है। उन्हें इस पर अपना नजरिया साफ करना चाहिए हम लोगो के पास पूरी दस्तावेज है।
पारिवारिक आरक्षण, संपत्ति आरक्षण होगा खत्म
प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि इस बार आरक्षण खत्म होगा, लेकिन पारिवारिक आरक्षण खत्म होगा, संपत्ति का आरक्षण खत्म होगा। यह नहीं चलने दिया जाएगा। सामाजिक न्याय का ढोंग रखिएगा, दूसरी तरफ आप दलित पिछड़े की बात करके संपत्ति अर्जित करियेगा। लालू जी को उनके बेटे ने राजनैतिक रूप से नजर बंद कर दिया है। लालू जी को खतरा इस बात से है कि इस बार बिहार की जनता पारिवारिक आरक्षण को खत्म करने जा रही है। संपत्ति का आरक्षण खत्म करने जा रही है।
हम माले से यह पूछना चाहते हैं कि क्या वे राजनैतिक रूप से अछूत हैं। क्यों नहीं दीपांकर भट्टाचार्य को लेकर तेजस्वी यादव घूम रहे हैं। क्या उनमें योग्यता की कमी है, क्या माले के उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर पर जाएंगे तो हेलीकॉप्टर अशुद्ध हो जाएगा। यह माले को स्पष्ट करना चाहिए। हम माले के उम्मीदवार से यह जानना चाहते हैं कि जो माले के समर्थक लालू जी के राज में 118 नरसंहार हुआ था। उन 118 नरसंहार में माले के कार्यकर्ता मारे गए थे। दलित,अति पिछड़ा किनके शासन काल में मारे गए थे। गरीब तबके के लोग थे, उनका नरसंहार हुआ था। जो नरसंहार करवाने वाला था उसके साथ खड़े हैं और संविधान में खतरे की बात कर रहे हैं, लोकतंत्र पर खतरे की बात करें।
मीसा भारती के नाबालिक बेटियों के नाम भी लिखाया गया जमीन
लालू परिवार ने धनु नामक बेटी के नाम पर जमीन ले लिया है। मीसा भारती की नाबालिग बेटी दुर्गा भारती और गौरी भारती के भी नाम पर जमीन ले लिया गया। इन्हें जमीन की बीमारी पकड़ी हुई है। उनके सारे जमीनों को जप्त किया जाएगा। नौकरी के नाम पर तेजस्वी यादव से लेकर माले के उम्मीदवार बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। हम यह जानना चाहते हैं कि लाल यादव के बड़े भाई मंगरु यादव थे उनके पुत्र रमाशंकर यादव के पोते और पुत्र को रेलवे में नौकरी दिया तो फुलवरिया में चार कट्ठा जमीन लिखवा लिया गया और इसी परिवार के मंगरु यादव के पुत्रवधू गुंजन यादव को नीतीश कुमार के राज में कार्यपालक सहायक की नौकरी लगी तो ना जमीन लिखवाया गया और ना उनसे कोई लेनदेन किया गया, यही कारण था गठबंधन टूटने का। नौकरी के नाम पर ये लोग जमीन लिखवाते थे, पदस्थापना के नाम पर जमीन लिखवाया जा रहा था।