बिहार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्रेशन (एफआर) सत्यापन अभियान में राज्य की प्रगति उत्साहजनक बनी हुई है। माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि 54 प्रतिशत से अधिक सत्यापन पूरा होना किसानों के हित में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उन्हें बधाई दी जाती है, जबकि जिन जिलों में काम धीमा है, वहाँ विशेष अभियान चलाकर गति बढ़ाई जाएगी। उनका यह भी कहना था कि लक्ष्य यह है कि प्रत्येक पात्र किसान को पीएम किसान योजना का लाभ मिले और राज्य के सभी किसानों तक सरकारी सुविधाएँ आसानी से पहुँचें, ताकि समृद्ध किसान और उन्नत बिहार का निर्माण हो सके।
एफआर सत्यापन में वर्तमान स्थिति
22 फरवरी को दोपहर 2 बजे तक जारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 85,53,570 पंजीकृत किसानों में से 46,27,777 किसानों का एफआर सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है, जो कुल का 54.1 प्रतिशत है। रविवार होने के बावजूद 8,320 किसानों का ई-केवाईसी किया गया और 12,516 नए फार्मर रजिस्ट्रेशन जोड़े गए। प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत कुल 23,27,928 किसानों का एफआर सत्यापन भी पूरा हो चुका है, जो कुल का 27.22 प्रतिशत है।
अव्वल प्रदर्शन वाले जिले
जिलों की रैंकिंग में वैशाली सबसे आगे है, जहाँ 107 प्रतिशत एफआर सत्यापन पूरा हुआ। इसके अलावा शिवहर 98%, बेगूसराय 96%, कटिहार 86%, बक्सर 87% और किशनगंज 79% के साथ उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहे हैं। इन जिलों में प्रशासनिक सक्रियता और कैंप आधारित ई-केवाईसी अभियान का सकारात्मक असर देखा गया।
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मध्यम प्रदर्शन वाले जिले
मध्यम प्रदर्शन वाले जिलों में गया 54%, मुजफ्फरपुर 64%, दरभंगा 65% और अन्य जिलों में 63% एफआर सत्यापन पूरा हुआ है। इन जिलों की प्रगति संतोषजनक मानी जा रही है, लेकिन लक्ष्य प्राप्ति के लिए और तेजी की आवश्यकता है।
पिछड़े जिले
सारण में केवल 22%, जमुई में 21%, सिवान में 27% और पूर्वी चंपारण में 32% एफआर सत्यापन पूरा हो सका है। इन जिलों में विशेष अभियान चलाने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि राज्य का समग्र प्रतिशत तेजी से बढ़ाया जा सके। राज्य सरकार ने सभी जिलों की प्रतिदिन समीक्षा करने और ई-केवाईसी एवं एफआर सत्यापन कार्य की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।