Bihar: विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि नगर परिषद के लिए 16,000 वर्गफीट और नगर पंचायत के लिए 10,760 वर्गफीट जमीन की जरूरत होगी। नगर पंचायत के भवन लगभग 2.49 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे, जबकि नगर परिषद के भवन के लिए करीब 4.98 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
राज्य सरकार ने नवगठित नगर निकायों में दफ्तर संचालन को बेहतर बनाने के लिए 15 नगर निकायों में प्रशासनिक भवन बनाने का आदेश जारी कर दिया है। इन भवनों के निर्माण से स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कामकाज अब और सुगमता से हो सकेगा।
नगर विकास एवं आवास विभाग ने बताया कि राज्य में बने 120 नए नगर निकायों में से फिलहाल 15 स्थानों पर प्रशासनिक भवन बनाने की मंजूरी दी गई है। इनमें तीन पुराने नगर परिषद तेघड़ा, बलिया और शिवहर भी शामिल हैं, जिनके पास अब तक अपना स्थायी कार्यालय नहीं था।
किराये या अस्थायी भवनों से मिलेगी मुक्ति
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विभाग ने निर्देश दिया है कि जिन नगर निकायों के दफ्तर फिलहाल किसी किराये के मकान, प्रखंड कार्यालय, किसान भवन या सामुदायिक भवन में चल रहे हैं, वे जल्द से जल्द जमीन की जानकारी, नक्शा और अंचलाधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर विभाग को भेजें, ताकि भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सके।
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इन जगहों पर बनेगा नया प्रशासनिक भवन
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तीन नगर परिषदों के अलावा जिन नए नगर पंचायतों में भवन निर्माण का आदेश दिया गया है, वे हैं अकबरनगर, पावापुरी, कटोरिया, शेखोपुर सराय, परबत्ता, हसनपुरा, इटाढ़ी, काको, मुरौल, घोसी, चंडी और सरैया।
कितनी जमीन और लागत होगी जरूरी
विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि नगर परिषद के लिए 16,000 वर्गफीट और नगर पंचायत के लिए 10,760 वर्गफीट जमीन की जरूरत होगी। नगर पंचायत के भवन लगभग 2.49 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे, जबकि नगर परिषद के भवन के लिए करीब 4.98 करोड़ रुपये खर्च होंगे। निर्माण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नगर विकास मंत्री जिवेश कुमार ने कहा कि शहरी विकास को तेज़ी देने के लिए इन भवनों का निर्माण जरूरी है और जल्द ही काम शुरू होगा।