पटना में बिहार विधान परिषद में मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के बीच एक बार फिर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सदन में आरजेडी विधायकों द्वारा पहने गए बैज को देखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इतने नाराज हो गए कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सीधा निशाने पर लेते हुए कहा कि पार्टी तुम्हारी नहीं, तुम्हारे पति की है, तुम चुप रहो!
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आरजेडी के 'तेजस्वी सरकार' वाले बैज पर मचा बवाल
दरअसल, आरजेडी के विधान पार्षद हरे रंग के बैज लगाकर सदन में पहुंचे थे। इन बैजों पर लिखा था कि तेजस्वी सरकार ने पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण बढ़ाया था, लेकिन बीजेपी सरकार आते ही उसे छीन लिया गया। यह बात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को रास नहीं आई, क्योंकि जब 2023 में आरक्षण बढ़ाने का फैसला लिया गया था, तब वे खुद सरकार का हिस्सा थे। हालांकि बाद में पटना हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए एक आरजेडी विधायक को खड़ा किया। फिर मीडिया गैलरी की ओर देखते हुए कहा कि देखिए, यह तमाशा सिर्फ इसी पार्टी में हो सकता है!
राबड़ी ने किया विरोध, तो नीतीश ने सुना दी खरी-खरी
जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरजेडी की आलोचना की, तो नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी खड़ी हो गईं और विरोध जताने लगीं। लेकिन नीतीश कुमार ने उन्हें झिड़कते हुए कहा कि तुम इस मामले में मत पड़ो। यह पार्टी तुम्हारी नहीं, तुम्हारे पति की है!
मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान के बाद सदन में हलचल मच गई। बीजेपी के नेता और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी खड़े हो गए और समर्थन में बोले कि आरक्षण बढ़ाने का फैसला नीतीश कुमार के नेतृत्व में लिया गया था। यह पूरी सरकार का सामूहिक निर्णय था, जिसे सभी ने समर्थन दिया था।
‘बेचारी पति के सहारे सत्ता में आई थीं’
नीतीश कुमार ने आगे राबड़ी देवी पर हमला बोलते हुए कहा कि यह बेचारी तो अपने पति के सहारे सत्ता में आई थीं। उन्होंने 1997 का जिक्र करते हुए कहा कि जब लालू प्रसाद यादव पर चारा घोटाले में सीबीआई ने आरोप तय किए, तो उन्होंने अपनी गृहिणी पत्नी को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप दी और परदे के पीछे से सत्ता चलाते रहे। नीतीश कुमार के इस बयान के बाद आरजेडी के विधायकों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने सदन के बाहर सीढ़ियों पर धरना देना शुरू कर दिया।
‘नए कानून के जरिए आरक्षण को मिले संवैधानिक सुरक्षा’
आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि उनकी पार्टी फिर से आरक्षण बढ़ाने के लिए एक नया कानून लाने की मांग करती है। उन्होंने केंद्र की एनडीए सरकार से मांग की कि इस कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में डाला जाए, ताकि इसे न्यायिक समीक्षा से बचाया जा सके।
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सदन के अध्यक्ष ने जताई नाराजगी
विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने इस हंगामे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जब सदन को संबोधित कर रहे हों, तो सभी सदस्यों को अपनी सीट पर रहना चाहिए।
यह कोई पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच सदन में तीखी बहस हुई हो। दोनों नेताओं के बीच पिछले कुछ महीनों में कई बार जुबानी जंग देखने को मिली है। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री द्वारा राबड़ी देवी पर निजी टिप्पणी करने से राजनीतिक गलियारों में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।