Bihar : 'मुखिया दीदी' के नाम से मशहूर रितु जायसवाल ने खुद की पार्टी बनाने की घोषणा की है। सोशल मीडिया के जरिए इसकी औपचारिक घोषणा के साथ ही उन्होंने पार्टी के रोडमैप को भी स्पष्ट कर दिया है। फिलहाल राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
बिहार की राजनीति में एक बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय जनता दल की पूर्व नेत्री और चर्चित मुखिया रह चुकीं रितु जायसवाल ने अब अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की है। यह घोषणा उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया के पेज पर पोस्ट किया है। उनकी इस घोषणा ने बिहार के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।
युवाओं और महिलाओं पर होगा फोकस
राजद की महिला शाखा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुकी रितु जायसवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि वह अगले कुछ महीनों तक बिहार के युवाओं और महिलाओं के साथ गहन संवाद करेंगी। इसी संवाद के आधार पर उनकी नई राजनीतिक पार्टी का गठन किया जाएगा। रितु जायसवाल ने अपनी पार्टी का एजेंडा बताते हुए कहा कि हमारी पार्टी का मुख्य उद्येश्य महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देना। युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ने का भरपूर मौका देना और टिकटों की खरीद-फरोख्त और परिवारवाद की राजनीति से पूरी तरह मुक्ति दिलाना होगा।
यह खबर भी पढ़ें-Indigo Crisis: पटना से आज इंडिगो की 20 फ्लाइट कैंसिल, 11 दिसंबर तक ऐसा ही रहेगा हाल; देखिए पूरी लिस्ट
राजद के लिए हो सकता है बड़ा झटका
सामाजिक कार्यों और प्रगतिशील मुखिया के रूप में कई पुरस्कार जीत चुकीं रितु जायसवाल को जमीन से जुड़ी नेता माना जाता है। वह एक बड़े जनाधार वाली नेता रही हैं। ऐसे में उनका अपनी अलग पार्टी बनाना राजद के परंपरागत वोटबैंक और युवा एवं महिला विंग में एक बड़ी सेंध लगा सकता है, जिससे आगामी चुनावों में पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन
जानिए कौन हैं रितु जायसवाल
रितु जायसवाल पहली बार सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड की सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया निर्वाचित हुई थीं। मुखिया के रूप में उन्होंने बहुत अच्छा काम किया था जिस वजह से उन्हें कई पुरस्कार भी मिले। इसके बाद राजद ने उन्हें 2020 के चुनाव में परिहार से चुनावी मैदान में उतारा, जहां वह 1549 वोट से हार गईं। इसके बाद राजद ने शिवहर से उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए उतारा। लेकिन, इसमें उन्हें जदयू प्रत्याशी लवली आनंद ने पराजित कर दिया। बिहार विधान सभा 2025 के चुनाव में राजद ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिसके बाद रितु जायसवाल पार्टी से बगावत कर