पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र स्थित नगवा गांव में दो मासूम बच्चों की नृशंस हत्या के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और मातम का माहौल है। घटना के विरोध में गुरुवार को स्थानीय लोगों ने जानीपुर बाजार को पूरी तरह बंद करा दिया और मुख्य सड़क को जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट लोगों ने जानीपुर थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग की है। हत्या के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। हालांकि पटना पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए सात अलग-अलग टीमें गठित की हैं।
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गम और गुस्से में डूबा परिवार
नगवा गांव निवासी ललन गुप्ता के घर में मातम पसरा है। बुधवार को अपने 10 वर्षीय बेटे और 15 वर्षीय बेटी की अंतिम संस्कार करने के बाद लौटे ललन गुप्ता की आंखों में आंसू हैं और दिल में गुस्से का गुबार। भावुक ललन गुप्ता ने कहा कि अगर मेरे बच्चों के हत्यारों को सजा नहीं मिली तो मैं और मेरी पत्नी जान दे देंगे। मेरी दुनिया उजड़ गई है। सरकार और प्रशासन से सिर्फ यही गुजारिश है कि दोषियों को फांसी की सजा मिले।
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जानिए, पूरा मामला क्या है
स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चों की मां शोभा देवी एम्स में नर्स हैं और पिता पटना चुनाव आयोग के कार्यालय में कार्यरत हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों बच्चे स्कूल से घर आए थे और घर में ही सोए हुए थे। तभी घर में अचानक आग लगने की सूचना मिली। कोई कुइच कर पाता तब तक सब कुछ समाप्त हो चुका था। दोनों बच्चे आग के चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। घटना के संबंध में पिता ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे बच्चों की जानबूझकर हत्या की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस समय दोनों बच्चे स्कूल से लौटकर घर आए थे, उस वक्त घर में उसके माता-पिता मौजूद नहीं थे। तभी अज्ञात अपराधी घर में दाखिल हुए और बच्चों को कमरे में बंद कर के घर को आग के हवाले कर दिया। स्थानीय लोगों ने जब घर से धुआं निकलते देखा तो पुलिस को आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलते ही जानीपुर थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है।