पटना में पासपोर्ट बनाने वालों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। 31 दिसंबर 2025 तक पटना स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) ने 4.2 लाख से अधिक पासपोर्ट जारी किए। गुरुवार यानी आज जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, साल 2025 में पासपोर्ट आवेदनों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। 2024 के मुकाबले 2025 में 46,531 अधिक आवेदन प्राप्त हुए। वर्ष 2024 में कुल 4,05,721 पासपोर्ट आवेदन स्वीकार किए गए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 4,52,252 पहुंच गई। इनमें से 4,20,210 आवेदकों को पासपोर्ट जारी किए गए।
क्षमता में हो रहा विस्तार
आरपीओ पटना ने बताया कि पासपोर्ट जारी करने की क्षमता में लगातार विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में बिहार की कुल 40 लोकसभा सीटों में से 37 लोकसभा क्षेत्रों में डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र) और दो लोकसभा क्षेत्रों में पासपोर्ट सेवा केंद्र संचालित हैं, जहां बिहार के आवेदकों के पासपोर्ट आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसे देखते हुए जरूरत के अनुसार अपॉइंटमेंट की संख्या भी समय-समय पर बढ़ाई जा रही है।
पटना और दरभंगा में तत्काल सेवा
आरपीओ बयान में कहा गया कि अब सभी पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर पासपोर्ट के साथ-साथ पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) के आवेदन भी स्वीकार किए जा रहे हैं, जो पहले केवल पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर ही लिए जाते थे। इसके अलावा दरभंगा स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र पर भी तत्काल पासपोर्ट सेवा शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही अब पटना और दरभंगा दोनों स्थानों पर तत्काल पासपोर्ट सेवा उपलब्ध हो गई है।