राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या का मामला अब पुलिस महानिरीक्षक खुद संभालेंगे। इस मामले में पटना एसएसपी की खूब किरकिरी हुई है, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक विनय कुमार के निर्देश पर इसकी कमान सीधे पुलिस महानिरीक्षक, केंद्रीय क्षेत्र, पटना को सौंपी गई है। अब न केवल IG खुद इस मामले का पर्यवेक्षण करेंगे, बल्कि उनकी सीधी देखरेख में एक विशेष जांच टीम (SIT) का भी गठन किया गया है।
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दरअसल पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद पोस्टमोर्टम रिपोर्ट ने
पुलिस को झूठा बता दिया। फिर क्या था पटना एसएसपी ट्रोल होने लगे। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक महकमों में इनकी चर्चाएं बढ़ गई। सोशल मीडिया पर लोग सवाल पूछने लगे कि आखिर किस आधार पर पटना एसएसपी ने पोस्टमोर्टम रिपोर्ट के आने के पहले ही इस निष्कर्ष पर पहुँच गए कि यह हत्या नहीं आत्महत्या है? राजनीतिक लोग पूछने लगे कि आखिर पटना एसएसपी किसके कहने पर किसे बचाने की कोशिश कर रहे थे? पोस्टमोर्टम रिपोर्ट ने
पुलिस की पूरी थ्योरी ही बदल दी, जिस वजह से पटना एसएसपी की कार्यशैली पर लोग सवाल उठाने लगे। इसी वजह से उनसे यह केस छिन लिया गया और अब इसकी जांच की जिम्मेदारी IG को देते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
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नगर एसपी पूर्वी के नेतृत्व में बनी स्पेशल टीम
पटना पुलिस मुख्यालय के द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस SIT की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक (नगर पूर्वी) करेंगे। टीम का स्वरूप बेहद संतुलित रखा गया है ताकि जांच के हर पहलू, विशेषकर महिला सुरक्षा और तकनीकी साक्ष्यों पर बारीकी से काम हो सके। टीम में मुख्य रूप से एक महिला पुलिस उपाधीक्षक, एक पुरुष पुलिस उपाधीक्षक, एक महिला पुलिस निरीक्षक और एक एक पुरुष पुलिस निरीक्षक शामिल होंगे। इसके अलावा, जरूरत के अनुसार सब-इंस्पेक्टर, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और सिपाहियों को भी टीम में शामिल करने की छूट दी गई है।