Bihar : ऐसा पहली बार नहीं है, जब पटना पुलिस पर लीपापोती करने का आरोप लगा है। पटना एसएसपी ने बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट आए आत्महत्या का दावा करने लगे थे, लेकिन अब रिपोर्ट आने के बाद कथनी ही बदल गई। अब मज़बूरी में गर्ल्स हॉस्टल मालिक को गिरफ्तार करना पड़ा।
राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस मामले को पटना पुलिस अब तक आत्महत्या बताकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के शुरुआती संकेतों ने खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में छात्रा के साथ वह हुआ जिसका आरोप मृतका के परिजन लगा रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उन आरोपों की अब पुष्टि कर दी है, जिसके बाद पटना की सड़कों पर न्याय के लिए संग्राम छिड़ गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज, पुलिस के दावे हुए फेल
छात्रा की मौत के तीन दिन बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस प्रशासन के उन तमाम दावों की हवा निकाल दी है, जिसमें पुलिस इसे आत्महत्या बता रही थी। रिपोर्ट के अनुसार
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छात्रा के शरीर पर जो साक्ष्य मिले हैं वह यौन उत्पीड़न की ओर इशारा कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की दुष्कर्म या दुष्कर्म की कोशिश के दौरान उसकी हत्या की गई है। पटना पुलिस तो शुरुआती जांच में इसे नींद की गोलियों का ओवरडोज बता रही थी, जिसे डॉक्टरों के पैनल ने एक सिरे से खारिज कर दिया है।
पटना एसपी की कार्यशैली पर सवाल
हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पटना पुलिस ने हॉस्टल मालिक गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट आए एसपी का यह कह देना कि उसके साथ गलत काम नहीं हुआ है, इस पर पटना पुलिस की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध मानी जा रही है। घटना के पहले दिन से ही पटना पूर्वी के एएसपी और एसएसपी स्तर के अधिकारियों ने दुष्कर्म की आशंका को सिरे से खारिज कर देना और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वह बात स्पष्ट हो जाने से लोग पटना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।