डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और मंत्री दिलीप जायसवाल से बातचीत करते नंद किशोर यादव।
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भाजयुमो और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे
80 के दशक में ही नंद किशोर यादव भारतीय जनता युवा मोर्चा में पूरी तरह सक्रिय हो गए। उनके काम को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें भाजयुमो का प्रदेश अध्यक्ष 1990 में बना दिया। इसके बाद 1995 में भारतीय जनता पार्टी के महासचिव बने। इसी साल पटना पूर्व से विधानसभा चुनाव लड़े। चुनाव जीते। पार्टी में इतना कद काफी बढ़ चुका था। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी इनके काम की तारीफ किया करते थे। बेहतरीन काम को देखते हुए 1998 में भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी तो नंद किशोर यादव को पथ निर्माण विभाग की जिम्मेदारी दी गई। बिहार की सड़क की दशा और दिशा को बेहतर बनाने का श्रेय इन्हें ही जाता है।
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लगातार सात बार विधायक रहे
2013 में जब सीएम नीतीश कुमार एनडीए से अलग हुए तो नंद किशोर यादव नेता प्रतिपक्ष बने और विपक्ष की आवाज बुलंद की। 2017 में फिर से एनडीए की सरकार बनी तो नंद किशोर पथ निर्माण विभाग के मंत्री बने। इसके बाद 2024 में इन्हें बिहार विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। विधानसभा को डिजिटल करने का श्रेय इन्हें ही जाता है। रिकॉर्ड लगातार सात बार विधायक रहे नंद किशोर यादव 2025 में चुनाव नहीं लड़े लेकिन पार्टी के लिए समर्पित रहे। विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभाई।
राज्यपाल बनने में किसने क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हमलोग सभी उन्हें नगालैंड के राज्यपाल के तौर पर नवीन जिम्मेदारी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने मैं केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट करता हूं। नंद किशोर यादव को अपार प्रशासनिक अनुभव, संगठन का अनुभव है और उनको नागालैंड के राज्यपाल के पद पर नियुक्त किया गया है। उनको बहुत शुभकामनाएं। निश्चित रूप से वो नागालैंड की बेहतरी के लिए काम करेंगे।