राष्ट्रीय जनता दल की ओर से अमरेंद्र धारी सिंह (एडी सिंह) को राज्यसभा उम्मीवार बनाया है। तेजस्वी यादव राजद नेताओं के साथ एडी सिंह का नामांकन कार्यक्रम में शामिल होने विधानसभा पहुंचे। यहां पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला। तेजस्वी यावदव ने आरोप लगाया कि भाजपा सीएम नीतीश कुमार और उनकी पार्टी को खत्म करना चाहती है। महाराष्ट्र मॉडल बिहार में लाया गया है। हमारी पूरी सहानुभूति नीतीश कुमार के साथ है। उनके साथ जो हो रहा है, वह जनता जान रही है। हमलोगों ने पहले ही सीएम बदलने की बात कही थी। हमलोग पहले से ही कहते आ रहे थे कि भाजपा ने नीतीश कुमार को हाईजेक कर लिया। यह बात आज साबित हो गई। यह सबको पता था कि भाजपा ऐसा करेगी। वह जिस भी सहयोगी दल के साथ रही है, वहां ऐसा हुआ है। पूरे देश में भाजपा आएसएस का एजेंडा लागू करना चाहती है। भाजपा मशीन तंत्र से चुनाव लड़ती है।
'एनडीए ने जनता को धोखा दिया'
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार चुनाव में जिस तरह भाजपा ने मशीन तंत्र का दुरुपयोग किया, उसे जनता ने देखा। बिहार में जन भावना के खिलाफ सत्ता का परिवर्तन हो रहा है। यह सब भाजपा करवा रही है। बिहार में कौन अधिकारी, मंत्री और केंद्र के किस नेता ने नीतीश कुमार को हाईजेक कर लिया है? वह जनता जानती है। यह जनता के साथ धोखा है। एनडीए ने नारा दिया था कि "2025 से 2030 फिर से नीतीश"। लेकिन, भाजपा का लालच देखिए किस तरह से नीतीश कुमार से इस्तीफा दिलवाया जा रहा है। भाजपा वाले चाहते हैं जनता दल यूनाईटेड खत्म हो जाए। निशांत कुमार ने राजनीति में आने के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि हमलोग पहले से ही कहते रहे हैं उन्हें राजनीति में आना चाहिए।
'अपनी बदहाली के लिए नीतीश कुमार खुद जिम्मेदार'
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर निशाना साधते हुए लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा कि अपनों के साथ बारम्बार बेवफाई करने वाले नीतीश कुमार जी खुद के गर्त में धकेले जाने और अपनी बदहाली के आप खुद जिम्मेदार हैं। आपके साथ आज जो हो रहा आप उसके ही हकदार हैं। आज अवसरवादिता के शिखर पुरुष नीतीश कुमार जी को जैसा निर्णय लेने के लिए भाजपा के द्वारा मजबूर किया गया , ये तो 28 जनवरी, 2024 को ही तय हो गया था , जब नीतीश कुमार जी ने गुलाटी मारने की अपने जगजाहिर कौशल की पुनरावृत्ति करते हुए महागठबंधन / इंडिया अलायन्स का साथ छोड़ा था। कुर्सी से चिपके रहने की अपनी स्वभावतः मज़बूरी की वजह से ही आज नीतीश कुमार जी उस भाजपा के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं, जो अपने सहयोगियों की राजनीतिक कब्र खोदने और उनको दफनाने के लिए ही जानी जाती है। महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे जी का जो हश्र भाजपा ने किया, नीतीश कुमार जी उससे भी नहीं चेते और अपने पुराने समाजवादी साथियों के बार-बार आगाह करने के बावजूद खुद ही कब्र सरीखी भाजपा की गोद में जा बैठे। अपने ही विनाश के लिए भाजपा के द्वारा जारी तुगलकी फरमान पर अपनी रजामंदी देने वाले नीतीश कुमार जी के बारे में अब दो बातें तो जाहिर एवं साबित होती हैं' नीतीश कुमार जी की सोचने-समझने की शक्ति पूरी तरह से क्षीण हो चुकी है और नीतीश कुमार जी की कोई बहुत कमजोर नस भाजपा ने जरूर दबा रखी है।
राजद सांसद ने क्या कहा?
इधर, राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि पिछले कुछ समय से भारतीय जनता पार्टी की रणनीति में भी बदलाव दिखाई दे रहा है। महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा ने कई नए राजनीतिक प्रयोग किए हैं। महाराष्ट्र मॉडल के बाद बाद भाजपा ने अन्य राज्यों में भी नए समीकरणों पर काम करना शुरू किया है। मनोज झा के मुताबिक बिहार में भी इसी तरह के राजनीतिक प्रयोग की कोशिशें देखने को मिल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से जदयू की राजनीति और संगठन पर बड़ा असर पड़ सकता है।
'भाजपा का रवैया अब स्पष्ट'
वहीं, राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर कहा कि बिहार की राजनीति में अचानक बड़ा उलटफेर दिखाई दे रहा है। किसी ने नहीं सोचा था कि चुनाव के तुरंत बाद भाजपा इतनी जल्दी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटा देगी, लेकिन उनके नेता तेजस्वी यादव लगातार कहते रहे हैं कि भाजपा जदयू को कमजोर कर नीतीश कुमार को कुर्सी से हटाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जदयू के कुछ लोग भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जबकि कई नेता चाहते हैं कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने रहें। मृत्युंजय तिवारी ने इसे बड़ा राजनीतिक अपहरण करार देते हुए कहा कि सहयोगी दलों के प्रति भाजपा का रवैया अब धीरे-धीरे स्पष्ट होता जा रहा है।
'नीतीश युग कभी समाप्त नहीं हो सकता'
वहीं, जदयू नेता के.सी. त्यागी ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतीश युग कभी समाप्त नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने एक नए बिहार का निर्माण किया है। जैसे कर्पूरी ठाकुर और चौधरी चरण सिंह आज भी याद किए जाते हैं, वैसे ही नीतीश कुमार को भी लंबे समय तक याद रखा जाएगा। त्यागी ने कहा कि उनके राज्यसभा जाने से सदन की गरिमा बढ़ेगी और बहस का स्तर ऊंचा होगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नीतीश कुमार को उनकी बौद्धिक क्षमता और संसदीय अनुभव के लिए सर्वश्रेष्ठ सांसद का सम्मान भी मिल चुका है।