फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: डीजीपी विनय कुमार ने दी सख्त चेतावनी, कहा- वर्दी में गुंडागर्दी करने वाले होंगे बर्खास्त; जेल भी जाएंगे

Fri, 09 Jan 2026 11:50 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : बिहार के डीजीपी ने अपने ही विभाग के पुलिसकर्मियों को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वर्दी की आड़ में अगर कोई पुलिसकर्मी गुंडागर्दी करेगा तो उसे किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा। वह बर्खास्त भी होगा और उसे जेल भी जाना होगा।
विज्ञापन
बिहार के डीजीपी विनय कुमार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने राज्य के पुलिस महकमे को स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि खाकी की आड़ में अपराध करने वाले पुलिसकर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे पुलिसकर्मी जो वर्दी पहनकर 'गुंडई' करेंगे या अपराधियों के साथ सांठगांठ रखेंगे, उन्हें महज 15 दिनों के भीतर न सिर्फ सेवा से बर्खास्त किया जाएगा बल्कि उन्हें जेल भी भेजा जाएगा।
विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-Bihar Police: बिहार में 71 IPS अधिकारियों का तबादला, इन जिलों के एसपी बदले गए; लिस्ट में कई चर्चित नाम भी हैं

लालची पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज
डीजीपी विनय कुमार ने हाल ही में गया, मोतिहारी, लालगंज (वैशाली) और छपरा में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता वाली आपराधिक वारदातों पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वर्दी पहनकर अगर कोई अपराधियों की तरह व्यवहार करेगा, तो वह अपराधी ही माना जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराध से कोई समझौता नहीं होगा। लालची पदाधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने इन जिलों के वरीय अधिकारियों को दोषी कर्मियों के खिलाफ अविलंब विभागीय जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-GAD Bihar: नीतीश सरकार ने कई IAS अधिकारियों का किया तबादला, लिस्ट में यूपीएससी टॉपर समेत कई नाम

बढ़ते अपराधों को देखते हुए डीजीपी विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल नए साइबर थाने नहीं खोले जाएंगे, बल्कि वर्तमान थानों में ही मानव बल और तकनीक को बढ़ाया जाएगा ताकि साइबर अपराधियों पर नकेल कसी जा सके। उन्होंने कहा कि वर्दी सेवा का संकल्प है, शोषण का जरिया नहीं। राज्य में होने वाली हिंसक घटनाओं की जड़ में जमीन विवाद को प्रमुख कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि अब पुलिस की भूमिका की सूक्ष्मता से जांच होगी। जो भी पुलिसकर्मी आपराधिक वारदातों में संलिप्त पाया जाएगा, उसका स्थान विभाग में नहीं, जेल में होगा। 


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें