Bihar : जिले के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक तथा एएनएम को प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे अपने कार्यस्थल से ऑनलाइन जुड़कर उपस्थिति दर्ज करानी होगी। जो ऐसा नहीं करेंगे उनके वेतन में कटौती की जाएगी। इस आदेश से अब सभी हड़कंप में हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली और अस्पतालों से कर्मियों की नदारद रहने की शिकायतों को देखते हुए नवनियुक्त सिविल सर्जन योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। कार्यभार संभालते ही उन्होंने जिले की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पहला फरमान जारी किया है। उन्होंने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब जिले के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक तथा एएनएम को प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे अपने कार्यस्थल से ऑनलाइन जुड़कर उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
सिविल सर्जन योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने पत्र जारी करते हुए कहा है कि विधान सभा सत्र चल रहा है और अनुश्रवण के दौरान पाया गया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पदस्थापित कई स्वास्थ्य कर्मी कार्य अवधि में उपस्थित नहीं रहते हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए अब सभी स्वास्थ्यकर्मी एवं एएनएम को प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे अपने कार्यस्थल से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर जिला एवं प्रखंड स्तर से जुड़ना अनिवार्य होगा।
सिविल सर्जन योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने यह भी कहा है कि जिस दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग निर्धारित होगी, उस दिन बिना प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की स्वीकृति के अवकाश लेना या ड्यूटी से अनुपस्थित रहना स्वीकार्य नहीं होगा। ऐसी लापरवाही से आम जनता को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाती हैं। आदेश में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक को विशेष जिम्मेदारी दी गई है कि उनके क्षेत्र के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्रतिदिन संचालित रहें। यदि कोई कर्मी अवकाश पर जाता है तो उसका अवकाश पंजी नियमित रूप से संधारित किया जाए।
सिविल सर्जन योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने स्पष्ट रूप से निर्देश जारी किया है कि किसी भी परिस्थिति में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद नहीं होना चाहिए, अन्यथा जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। विशेष एवं अकास्मिक परिस्थिति में स्वास्थ्य कर्मी अपने नियंत्रण अधिकारी को व्हॉट्सअप के माध्यम से सूचित करेंगी। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में आयुष्मान आरोग्य मंदिर का संचालन प्रतिदिन होना निश्चित है। जो स्वास्थ्य कर्मी इन नियमों में अनदेखी करती पायी गयी, उनका वेतन या मानदेय रोक दिया जाएगा।