फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News : सिविल सर्जन ने जताया एतराज, कहा- ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य वरना रुक जाएगा वेतन

Mon, 16 Feb 2026 09:19 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : जिले के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक तथा एएनएम को प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे अपने कार्यस्थल से ऑनलाइन जुड़कर उपस्थिति दर्ज करानी होगी। जो ऐसा नहीं करेंगे उनके वेतन में कटौती की जाएगी। इस आदेश से अब सभी हड़कंप में हैं।
विज्ञापन
सदर अस्पताल गर्दनीबाग पटना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 स्वास्थ्य विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली और अस्पतालों से कर्मियों की नदारद रहने की शिकायतों को देखते हुए नवनियुक्त सिविल सर्जन योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। कार्यभार संभालते ही उन्होंने जिले की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पहला फरमान जारी किया है। उन्होंने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब जिले के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक तथा एएनएम को प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे अपने कार्यस्थल से ऑनलाइन जुड़कर उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-http://Bihar Congress : कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सवाल सुन भागे, बिहार अध्यक्ष भड़के; किस सवाल का नहीं दे सके जवाब

सिविल सर्जन योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने पत्र जारी करते हुए कहा है कि विधान सभा सत्र चल रहा है और अनुश्रवण के दौरान पाया गया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पदस्थापित कई स्वास्थ्य कर्मी कार्य अवधि में उपस्थित नहीं रहते हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए अब सभी स्वास्थ्यकर्मी एवं एएनएम को प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे अपने कार्यस्थल से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर जिला एवं प्रखंड स्तर से जुड़ना अनिवार्य होगा।
विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-Bihar News : नितिन नवीन के बाद अब बिहार के एक और मंत्री का इस्तीफा आएगा? जानिए, क्यों आया यह सवाल

सिविल सर्जन योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने यह भी कहा है कि जिस दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग निर्धारित होगी, उस दिन बिना प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की स्वीकृति के अवकाश लेना या ड्यूटी से अनुपस्थित रहना स्वीकार्य नहीं होगा। ऐसी लापरवाही से आम जनता को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाती हैं। आदेश में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक को विशेष जिम्मेदारी दी गई है कि उनके क्षेत्र के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्रतिदिन संचालित रहें। यदि कोई कर्मी अवकाश पर जाता है तो उसका अवकाश पंजी नियमित रूप से संधारित किया जाए।
विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-Bihar: पत्रकारों को लेकर नीति पर घिर गई नीतीश कुमार सरकार; विधानसभा में माले विधायक को क्या दिया जवाब?

सिविल सर्जन योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने स्पष्ट रूप से निर्देश जारी किया है कि किसी भी परिस्थिति में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद नहीं होना चाहिए, अन्यथा जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। विशेष एवं अकास्मिक परिस्थिति में स्वास्थ्य कर्मी अपने नियंत्रण अधिकारी को व्हॉट्सअप के माध्यम से सूचित करेंगी। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में आयुष्मान आरोग्य मंदिर का संचालन प्रतिदिन होना निश्चित है। जो स्वास्थ्य कर्मी इन नियमों में अनदेखी  करती पायी गयी, उनका वेतन या मानदेय रोक दिया जाएगा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें