नालंदा जिले के कल्याणबिगहा थानाक्षेत्र में एक युवक के अपहरण का मामला पुलिस ने मात्र छह घंटे के भीतर सुलझा लिया। इस त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने 20,000 रुपये की फिरौती की मांग की थी, लेकिन पुलिस की सूझबूझ से आरोपियों को धर दबोचा गया।
जानकारी के मुताबिक, 12 अक्तूबर को जितेंद्र कुमार ने कल्याणबिगहा थाने में अपने छोटे भाई सिद्धू कुमार (25) के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। सिद्धू दुर्गा पूजा का मेला देखने साहिलपुर गया था, लेकिन रात को वापस नहीं लौटा। अगले दिन जितेंद्र को एक अज्ञात फोन आया, जिसमें उनके भाई की रिहाई के बदले 20,000 रुपये की फिरौती मांगी गई।
शिकायत मिलते ही नालंदा पुलिस ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया और तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया। पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग करते हुए छह घंटे के भीतर अपहृत युवक को बरामद कर लिया। साथ ही चारों अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ओन्दा गांव के अंजय कुमार और सुजीत कुमार, बिहार शरीफ के मणिष कुमार और कोयलावां गांव के प्रशांत कुमार शामिल हैं। पुलिस ने उनके पास से तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
इस मामले में कल्याणबिगहा थाना प्रभारी सुभम कुमारी ने बताया कि त्वरित कार्रवाई की गई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया गया। इस अभियान में एसआई धर्मेश गुप्ता और एसआई गोपेश कुमार की अहम भूमिका रही। नालंदा के एसपी ने इस सफल अभियान के लिए पूरी टीम की सराहना की है।