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Bihar News: राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां बोले- सरस्वती विद्या मंदिर केवल शिक्षा ही नहीं, संस्कार भी देता है

Mon, 03 Feb 2025 05:52 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News: राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने विषम परिस्थितियों में भी अपनी पहचान बनाए रखी है। समय-समय पर यही संस्कृति हमें नई ऊर्जा प्रदान करती है। विद्या भारती एक ऐसी संस्था है जो शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत आधार स्थापित कर रही है।
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दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत करते राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां तथा अन्य लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने पटना में सरस्वती विद्या मंदिर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के दौरान कहा कि यह संस्था न केवल बच्चों को शिक्षित करने का कार्य कर रही है, बल्कि उनमें भारतीय संस्कृति और संस्कारों का भी संचार कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह धन है जो दुनिया को बदल सकती है। लेकिन अगर उसमें करुणा, प्रेम और सौहार्द न हो, तो मनुष्य राक्षस भी बन सकता है।

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संस्कृति और शिक्षा का अद्भुत संगम
राज्यपाल ने पूज्य तपस्वी जगजीवन जी महाराज सरस्वती विद्या मंदिर में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ने विषम परिस्थितियों में भी अपनी पहचान बनाए रखी है। समय-समय पर यही संस्कृति हमें नई ऊर्जा प्रदान करती है। विद्या भारती एक ऐसी संस्था है जो शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत आधार स्थापित कर रही है।
 
राज्यपाल ने कहा कि जिसके पास ज्ञान तो है, लेकिन प्रेम और करुणा नहीं, वह समाज के लिए घातक बन सकता है। उन्होंने ऋग्वेद का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दुनिया की सबसे प्राचीन ग्रंथों में से एक है। यह प्रमाणित करता है कि भारत ज्ञान और संस्कृति का केंद्र रहा है।
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विद्या भारती की भूमिका और राष्ट्र निर्माण
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह डॉ. मोहन सिंह, उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संगठन मंत्री ख्यालीराम, प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा, और नालंदा के विभाग प्रमुख राजेश कुमार उपस्थित थे। विद्यालय के प्राचार्य अनंत कुमार सिंहा ने अतिथियों का परिचय कराया।
 
डॉ. मोहन सिंह ने कहा कि विद्या भारती के अंतर्गत देशभर में 27,000 विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें लगभग एक लाख से अधिक आचार्य संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्था भारतीय संस्कृति की आधारशिला को सुदृढ़ करने के लिए कटिबद्ध है और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है।
 
संगठन मंत्री ने कहा कि विद्या भारती केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों में देश के प्रति प्रेम और कर्तव्यबोध जागृत करने का कार्य भी कर रही है। उन्होंने इस अवसर पर विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
 
भारतीय संस्कृति से जुड़े रंगारंग कार्यक्रम
कार्यक्रम में बच्चों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय परंपराओं की झलक दिखाई। समारोह की शुरुआत गणेश वंदना और स्वागत गीत से हुई। इसके बाद ‘गोविंद हरे मुरारी’ समूह नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अतिरिक्त, एनसीसी छात्रों ने योग प्रदर्शन, झिझिया (लोक नृत्य), महिला सशक्तिकरण पर नाटक, मिथिला गीत, बेटी हिंदुस्तान की, संथाली नृत्य और शिव कैलाश के वासी नृत्य के माध्यम से भारतीय परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
 
मेधावी विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। ‘ब्रह्मर्षि विश्वामित्र’ (रामायण प्रसंग) और ‘रघुकुल रीति सदा चली आई’ जैसी प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कारों की गरिमा को एक बार फिर सजीव कर दिया। अभिभावकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि यह विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि भारतीय संस्कारों और मूल्यों को भी बढ़ावा देने वाला एक मंच है। कार्यक्रम के अंत में प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा और विभाग प्रमुख राजेश कुमार ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर मीडिया प्रमुख बीरेंद्र प्रताप गोपाल राय भी उपस्थित रहे। विद्यालय के आचार्यों और दीदियों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया।

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