शराबबंदी की नीति पर राजद का हमला, सरकार की विफलता पर उठाए सवाल
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार सरकार की शराबबंदी नीति पर तीखा प्रहार किया। गुरुवार को जिला कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में राजद के जिला प्रवक्ता धनंजय कुमार और दीपक कुमार सिंह ने वर्तमान सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। प्रवक्ताओं ने 2015 के महागठबंधन सरकार का स्मरण कराते हुए कहा, तब हमने कहा था मदिरालय नहीं, विद्यालय चाहिए। शराब नहीं, किताब चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में शराबबंदी कानून पूरी तरह से विफल हो चुका है।
दीपक कुमार ने कहा, शराबबंदी के नाम पर गरीबों और दलितों को जेल भेजा जा रहा है। जबकि वास्तविक अपराधी खुले आम घूम रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में सरकार के एक मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ने भी इस नीति पर सवाल उठाए हैं। राजद नेताओं ने नालंदा जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां जदयू के एक प्रखंड अध्यक्ष को शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी एक पूर्व प्रखंड अध्यक्ष इसी आरोप में गिरफ्तार हुए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे बिहार में सत्ता के संरक्षण में शराब का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। यह एक समानांतर अर्थव्यवस्था बन गई है, जो सरकार की नाकामी को दर्शाती है। राजद नेताओं ने 2025 के चुनाव का जिक्र करते हुए वादा किया कि अगर तेजस्वी यादव की सरकार बनती है, तो हर परिवार को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी। उन्होंने कहा, आज बिहार का हर वर्ग नौजवान, बेरोजगार, किसान, मजदूर, महिलाएं सब तेजस्वी जी की ओर आशा भरी नज़रों से देख रहे हैं। अंत में, उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध पर चिंता व्यक्त की और सरकार को इसे रोकने में विफल बताया।