पशुपति कुमार पारस ने कहा कि पार्टी के संविधान के खिलाफ एक व्यक्ति 3 पद पर रहा, इसलिए पार्टी ने फैसला लिया कि इन्हें (चिराग पासवान) संसदीय दल के नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से मुक्त किया जाए।
बिहार में गर्माए राजनीतिक माहौल में सियासी समीकरण बनने-बिगड़ने के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। इसी क्रम में लोजपा नेता पशुपति कुमार पारस ने अपने भतीजे चिराग पासवान पर एक बार फिर निशाना साधा है।
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पारस ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए बुधवार को कहा कि हमारी पार्टी के संविधान में साफ लिखा है कि एक व्यक्ति-एक पद। चिराग पासवान 2013 से पार्लियामेंट्री बोर्ड के चेयरमैन हैं, 2019 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया, इसके लिए चुनाव नहीं हुआ, नामांकन नहीं हुआ। इसके बाद वो संसदीय दल के नेता बने।
उन्होंने कहा कि पार्टी के संविधान के खिलाफ एक व्यक्ति 3 पद पर रहा, इसलिए पार्टी ने फैसला लिया कि इन्हें (चिराग पासवान) संसदीय दल के नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से मुक्त किया जाए।
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पारस ने कहा कि आप चिराग पासवान से जरूर पूछें कि उन्होंने मुझे प्रदेश अध्यक्ष पद से क्यों हटाया। पद पर न होने के बाद भी उन्होंने ऐसा किया। हमने मेरी देखरेख में बिहार का चुनाव लड़ा और सभी छह सांसद जीते। चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हमें सबसे ज्यादा वोट मिले। हम एनडीए के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन वह (चिराग पासवान) इसके लिए राजी नहीं हुए। यही वजह है कि लोजपा खत्म होने की कगार पर है।