‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ के संकल्प को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से पटना के ज्ञान भवन में ‘खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जनकल्याण संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों तक समयबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ का उद्देश्य खेतों की उर्वरता और मिट्टी के प्राकृतिक स्वास्थ्य का संरक्षण करते हुए कृषि को टिकाऊ, लाभकारी और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इस अभियान के माध्यम से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए किसानों को जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेत सुरक्षित रहेंगे, तभी खेती टिकाऊ बनेगी और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित होगी।
बीजों की गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा
उन्होंने बताया कि बिहार में इस अभियान की शुरुआत मुजफ्फरपुर से की गई थी। इसके माध्यम से राज्यभर के किसानों के बीच खेतों और मिट्टी के संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य में सुधार तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाई गई है।
कृषि मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के आह्वान पर 22 अक्टूबर से देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत हुई है। बिहार में भी जनभागीदारी के माध्यम से इसे गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। पटना की धरती से इस अभियान को और गति देने तथा किसानों को खेतों एवं मिट्टी के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया है। यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा।
629 स्कूलों में स्थापित होंगी मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं
सिन्हा ने कहा कि मिट्टी का स्वस्थ रहना कृषि, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। नई पीढ़ी को मिट्टी संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार के सभी 38 जिलों के 629 पीएम श्री और राजकीय विद्यालयों में मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इससे विद्यार्थी मिट्टी की गुणवत्ता को वैज्ञानिक तरीके से समझ सकेंगे और उसके संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने बताया कि इस दिशा में अब तक 160 पीएम श्री उच्च विद्यालयों में ऐसी प्रयोगशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं।
6.19 लाख से अधिक किसानों ने लिया भाग
उन्होंने कहा कि वासंतिक (रबी) मौसम 2026-27 में इस अभियान को राज्य के सभी 534 प्रखंडों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत प्रत्येक प्रखंड की कम से कम दो पंचायतों में विशेष किसान जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।