फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खेत बचाओ, जीवन बचाओ: बिहार के 534 प्रखंडों तक पहुंचेगा अभियान, किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण

Fri, 30 Oct 2026 09:33 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार में ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान को जन-आंदोलन बनाने की तैयारी है। पटना में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि 30 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान के तहत मिट्टी संरक्षण, प्राकृतिक खेती और किसानों को जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा।
विज्ञापन
‘खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जनकल्याण संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ के संकल्प को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से पटना के ज्ञान भवन में ‘खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जनकल्याण संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों तक समयबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ का उद्देश्य खेतों की उर्वरता और मिट्टी के प्राकृतिक स्वास्थ्य का संरक्षण करते हुए कृषि को टिकाऊ, लाभकारी और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इस अभियान के माध्यम से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए किसानों को जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेत सुरक्षित रहेंगे, तभी खेती टिकाऊ बनेगी और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित होगी।

बीजों की गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा

विज्ञापन

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बीजों की गुणवत्ता और किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीज वितरण और आपूर्ति में किसी भी तरह की अनियमितता, लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मामले में जवाबदेही भी तय की जाएगी।

उन्होंने बताया कि बिहार में इस अभियान की शुरुआत मुजफ्फरपुर से की गई थी। इसके माध्यम से राज्यभर के किसानों के बीच खेतों और मिट्टी के संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य में सुधार तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाई गई है।

कृषि मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के आह्वान पर 22 अक्टूबर से देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत हुई है। बिहार में भी जनभागीदारी के माध्यम से इसे गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। पटना की धरती से इस अभियान को और गति देने तथा किसानों को खेतों एवं मिट्टी के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया है। यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा।

629 स्कूलों में स्थापित होंगी मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं
सिन्हा ने कहा कि मिट्टी का स्वस्थ रहना कृषि, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। नई पीढ़ी को मिट्टी संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार के सभी 38 जिलों के 629 पीएम श्री और राजकीय विद्यालयों में मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इससे विद्यार्थी मिट्टी की गुणवत्ता को वैज्ञानिक तरीके से समझ सकेंगे और उसके संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने बताया कि इस दिशा में अब तक 160 पीएम श्री उच्च विद्यालयों में ऐसी प्रयोगशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें- झारखंड: पावर प्लांट के नाम पर लिया 900 करोड़ का कर्ज, अब ईडी ने खंगाला बंद स्टील प्लांट

6.19 लाख से अधिक किसानों ने लिया भाग

विज्ञापन

कृषि मंत्री ने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ की सफलता किसानों की सक्रिय भागीदारी और जन-जागरूकता पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि शारदीय (खरीफ) मौसम में बिहारभर में 7,275 किसान बैठकों का आयोजन किया गया, जिनमें 6,19,436 किसानों ने भाग लिया। इनमें 2,12,610 महिला किसान भी शामिल थीं। किसानों की यह व्यापक भागीदारी खेतों के संरक्षण और मिट्टी के स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि वासंतिक (रबी) मौसम 2026-27 में इस अभियान को राज्य के सभी 534 प्रखंडों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत प्रत्येक प्रखंड की कम से कम दो पंचायतों में विशेष किसान जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें