कैमूर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के साथ हिंदूवादी संगठन के द्वारा पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ भभुआ शहर के नगर परिषद मैदान से एकता चौक होते हुए जिला समाहरणालय तक आक्रोश मार्च निकाला गया। इस दौरान जिलाधिकारी सावन कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
जानकारी देते हुए विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार केशरी और हिंदूवादी संगठन के प्रमुख उत्तम पटेल ने बताया, वक्फ कानून के विरोध में संपूर्ण बंगाल को जिस प्रकार हिंसा की आग में जलाया जा रहा है। हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। राष्ट्रीय विरोधी और हिंदू विरोधी तत्वों को निर्बाध रूप से क्रियान्वित करने की खुली छूट दी जा रही है, उससे स्पष्ट लगता है कि बंगाल की स्थिति अत्यधिक चिंताजनक है।
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इसका स्पष्ट अर्थ है कि वह बहाना था, असली उद्देश्य मुर्शिदाबाद को हिंदू शून्य बनाना था। वहीं, इस उन्मादी भीड़ ने हिंदुओं के दो सौ से अधिक घरों और व्यावसायिक दुकानों को लूटकर जलाया। सैकड़ों हिंदू को बुरी तरह घायल किया गया। महिलाओं की सील भंग भी किए गए, जिसके परिणाम स्वरूप 500 से अधिक हिंदू परिवारों को मुर्शिदाबाद से पलायन करना पड़ा। वहीं, उनके पास जाकर चिंता और सहायता करने के बजाय ममता बनर्जी द्वारा दंगा भड़काने वाले इमाम से मिलकर शरणार्थियों की सुविधा देने की जगह उनको वापस जिहादियों के सामने जबरन परोसने का षड्यंत्र कर रही है।
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इसे लेकर सभी ने नगर परिषद मैदान भभुआ से एकता चौक होते हुए समाहरणालय तक आक्रोश मार्च के साथ जिलाधिकारी कैमूर को राष्ट्रपति के नाम से ज्ञापन सौंपा है। लोगों ने मांग किया कि बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू हो। क्योंकि अगर हिंदू, हिंदुस्तान में हिंदू सरकार में सुरक्षित नहीं रहेंगे तो फिर कैसे इंसाफ होगा। इसलिए बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू हो। अन्यथा इस सरकार को बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ जाएगा। वहीं, मौके पर विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष अमित टिंकल, रामायण शास्त्री और अरविंद आर्य सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।