बिहार में पर्यटन को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह योजना बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। योजना के तहत 13 जुलाई 2026 से ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है, जबकि 18 जुलाई 2026 से प्रत्येक शनिवार और रविवार को हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध होंगी।
इन पर्यटन स्थलों के लिए मिलेगी हेलीकॉप्टर सेवा
योजना के पहले चरण में पटना से राजगीर, वाल्मीकिनगर और कैमूर के लिए हेली-टूरिज्म सेवा शुरू की गई है। सरकार आम नागरिकों को किफायती दरों पर हवाई पर्यटन उपलब्ध कराने के लिए प्रति टिकट अधिकतम 15,422 रुपये तक का अनुदान दे रही है।
पर्यटन से बढ़ेगा रोजगार और निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास का मजबूत आधार भी है। राज्य सरकार होम स्टे, स्थानीय हस्तशिल्प, लोक संस्कृति, पारंपरिक व्यंजन और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार कर रही है।
बिहार के लोग बनें ब्रांड एंबेसडर
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार का हर नागरिक राज्य का सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिहार की ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का सकारात्मक प्रचार करें, ताकि देश-विदेश से अधिक से अधिक पर्यटक यहां आएं।
PPP मॉडल पर होगा पर्यटन का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल को बढ़ावा दे रही है। साथ ही नए पर्यटन सर्किट, होटल, रोप-वे और अन्य आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। उन्होंने जेपी गंगा पथ से सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक रोप-वे विकसित करने की योजना का भी उल्लेख किया।
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लाभार्थियों को दिए गए प्रमाण पत्र और डमी चेक
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार पर्यटन नीति-2023 के तहत हितधारकों को डमी चेक और मुख्यमंत्री होम स्टे प्रोत्साहन योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।