कांग्रेस की मांग पर बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि शहनवाज आलम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव और बिहार के सह-प्रभारी भी हैं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि अगर आगामी सरकार तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बनती है तो हमारी पार्टी को दो डिप्टी सीएम मिलेंगे, जिनमें से एक मुस्लिम समुदाय से और दूसरा सामान्य वर्ग से होगा।
आलम का यह बयान पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए दिया गया लगता है, जिसमें मुस्लिम, ऊंची जातियां और दलित वर्ग शामिल हैं। हालांकि इस बयान ने महागठबंधन के सबसे बड़े सहयोगी RJD को नाराज कर दिया है। पार्टी ने इसे ‘गठबंधन धर्म का उल्लंघन’ करार दिया है और कांग्रेस से ऐसे बयानों को रोकने की मांग की है।
RJD ने दी यह प्रतिक्रिया
RJD ने आलम के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पार्टी प्रवक्ता मृतिंजय तिवारी ने कहा कि इस तरह के बयान गठबंधन धर्म का उल्लंघन करते हैं। कांग्रेस को अपने बयानों पर नियंत्रण रखना चाहिए। इससे यह साफ होता है कि आलम की टिप्पणी से पार्टी के अंदर असहमति की स्थिति पैदा हो गई है।
RJD के लिए यह एक और चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि कांग्रेस का मुस्लिम वोट बैंक पिछले कुछ वर्षों में खिसक चुका है। अब यह वोट बैंक RJD के पास चला गया है। आलम ने हाल ही में यह भी कहा था कि लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए विधानसभा चुनावों में सीट बंटवारे पर फैसला लिया जाना चाहिए।
BJP ने कांग्रेस को कोसा
आलम के बयान के बाद बिहार की सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JD(U)) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी कांग्रेस की आलोचना की है। JD(U) के एमएलसी खालिद अनवर ने आलम के मुस्लिम समुदाय से जुड़े बयान को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में कई दंगे हुए थे, जिनमें मेरठ, भागलपुर और जबलपुर शामिल हैं। मुस्लिम समुदाय इसे कभी नहीं भूल सकता।
वहीं, BJP के विधायक हरिभूषण ठाकुर बचोल ने भी आलम के बयान को 'रोज़गार की राजनीति' करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह कदम केवल राजनीतिक तुष्टिकरण का उदाहरण है। उनका कहना था कि बिहार में 2025 से 2029 तक मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम की कोई नई नियुक्ति नहीं होगी, क्योंकि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे और उनकी पार्टी तय करेगी कि डिप्टी सीएम कौन होगा।
कांग्रेस और RJD के रिश्तों में दरार?
आलम का बयान महागठबंधन के अंदर की राजनीति को और भी जटिल बना सकता है। बिहार में कांग्रेस और RJD के बीच पहले से ही असहमति की स्थिति बन चुकी है। अब आलम का यह ताजा बयान उन रिश्तों को और खराब कर सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस और RJD इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं, क्योंकि अगले चुनावों में दोनों पार्टियों के बीच सीटों का बंटवारा और नेतृत्व का सवाल अहम हो सकता है।