मां के लिए दवा लेने गया था बाजार
मृतक के पिता रत्नेश्वर सिंह ने बताया कि रंजीत अपनी बीमार मां के लिए दवा लेने ताजपुर बाजार गया था। लेकिन वहां दवा नही मिलने पर वह एकमा चला गया। लेकिन जब देर रात तक वह घर नही लौटा तो परिवार के लोग चिंतित होने लगे और उसकी खोजबीन में जुट गए। हालांकि कोई सफलता नहीं मिली। सुबह में रेल पुलिस द्वारा फोन कर रंजीत कुमार सिंह का शव बरामद होने की जानकारी दी गई। जिसके बाद परिवार में हाहाकार मच गया। पिता रत्नेश्वर सिंह सहित कई परिजन एकमा स्टेशन पहुंचे तो सभी शव को दहाड़ मार कर रोने लगे। मृतक के सीने के बाएं हिस्से से खून निकल रहा था तथा दाहिने साइड के पास लंबा जख्म का निशान दिख रहा था। शव को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि उसकी हत्या की गई है। इस मामले में मृतक के पिता रत्नेश्वर सिंह ने रेल थाने की पुलिस को एक आवेदन भी दिया है, जिसमें रंजीत कुमार सिंह की किसी के द्वारा हत्या कर शव को एकमा स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया है।
हैदराबाद में करता था नौकरी, आया था शादी में शामिल होने
मृतक हैदराबाद में रह कर प्लांटेशन का काम करता था। लेकिन वह कुछ दिन पहले अपने चाचा की बेटी की शादी समारोह में शामिल होने के लिए विगत 25 नवंबर को गांव आया था। विगत दो दिसंबर को चचेरी बहन की शादी संपन्न होने के बाद वह फिर हैदराबाद जाने का कार्यक्रम बना रहा था। इसी बीच उसका शव एकमा स्टेशन के समीप से बरामद किया गया। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद जब युवक का शव घर पहुंचा तो एक बार फिर मृतक के परिवार में चीख- पुकार मच गई। वहीं शव को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। माता अनीता देवी, बहन पूजा, भाई सुजीत सिंह सहित परिजनों का रो- रो कर बुरा हाल हो रहा था। लिखित आवेदन मिलने के बाद स्थानीय रेल थाने की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज़ करते हुए अनुसंधान में जुट गई हैं।
जांच करती एफएसएल की टीम
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
जांच करती आरएफएसएल टीम
एकमा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के अप लाइन पर मुंह के बल लेटे हुए युवक के शव को बरामद करने के बाद प्लेट फॉर्म पर लाकर लिटाया गया था। जिसके बाद वहां गिरे रक्त के नमूने लेने के लिए आरएफएसएल मुजफ्फरपुर से रत्ना राधा एकमा रेल्वे स्टेशन पहुंची। जहां बारिकी से रक्त के नमूने एकत्र कर टीम के साथ वापस चली गईं। जिस दौरान छपरा जीआरपी के निरीक्षक शाहिद अनवर भी मौजूद थे।