पटना में बुधवार को कांग्रेस अपनी कार्य समिति (CWC) की एक विस्तारित बैठक आयोजित करने जा रही है, जो स्वतंत्रता के बाद बिहार में पहली बार हो रही है। यह बैठक सदाकत आश्रम में सुबह 10 बजे शुरू होगी और इसका मुख्य उद्देश्य आगामी बिहार विधानसभा चुनावों की रणनीति तैयार करना और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर हमला तेज करना है। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित सभी शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव, जो नवंबर में होने की संभावना है, इस बैठक का केंद्रीय फोकस होंगे। इसके साथ ही, इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस (INDIA) गठबंधन के बीच सीट बंटवारे पर भी चर्चा होगी।
ऐतिहासिक बैठक का आयोजन
यह पहली बार है जब स्वतंत्रता के बाद बिहार में कांग्रेस की कार्य समिति की बैठक हो रही है। सदाकत आश्रम, जहां महात्मा गांधी, राजेंद्र प्रसाद और जवाहरलाल नेहरू जैसे दिग्गजों ने चर्चाएं की थीं, इस ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बनेगा। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि इस बैठक से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा होगा। बैठक में स्थायी और विशेष आमंत्रित सदस्यों के साथ-साथ पार्टी के मुख्यमंत्रियों, प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्षों और कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेताओं की भागीदारी होगी। इस आयोजन के लिए बिहार कांग्रेस ने शहर में कई स्थानों पर पार्टी के झंडे लगाकर तैयारियां पूरी की हैं।
बिहार चुनाव पर रणनीति
बिहार में नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस इस बैठक में अपनी रणनीति को अंतिम रूप देगी। सूत्रों के अनुसार, बैठक में कुछ प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, जो बिहार चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि बिहार राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन चुका है और इस बैठक से पार्टी कार्यकर्ताओं को नई दिशा मिलेगी। AICC बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि बिहार में कांग्रेस दूसरा ‘स्वतंत्रता संग्राम’ लड़ रही है। उन्होंने BJP पर केंद्र में सत्ता का दुरुपयोग करने और ‘वोट चोरी’ जैसे अनुचित साधनों का उपयोग करने का आरोप लगाया। यह बैठक पार्टी के लिए चुनावी रणनीति को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को संगठित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
'वोट चोरी' के खिलाफ आक्रामक रुख
कांग्रेस इस बैठक में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर BJP के खिलाफ अपने हमले को और तेज करेगी। पार्टी ने विशेष रूप से निर्वाचन आयोग (EC) के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जिसे वे बिहार में मतदाता सूची में हेरफेर का प्रयास मानते हैं। राहुल गांधी ने हाल ही में अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ और प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर जोर दिया। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘लोकतंत्र को नष्ट करने वालों’ की रक्षा करने का आरोप लगाया। गांधी ने कर्नाटक की एक विधानसभा सीट के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि कांग्रेस समर्थकों के वोट व्यवस्थित रूप से हटाए जा रहे हैं। हालांकि निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों को ‘गलत और निराधार’ बताया है। CWC बैठक से इस मुद्दे पर एक मजबूत संदेश देने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें- Bihar Election 2025 : इस नई मांग के बाद तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाला गठबंधन टिकेगा? सीट और पद के लिए मची रार
INDIA गठबंधन में सीट बंटवारा
बैठक में महागठबंधन के सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे पर चल रही बातचीत पर भी चर्चा होगी। कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि INDIA गठबंधन के बीच सीट बंटवारे पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ बातचीत हो रही है और जल्द ही एक व्यवहार्य फॉर्मूला सामने आएगा। उन्होंने BJP के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन में अव्यवस्था का दावा करते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगियों की एकजुटता पर जोर दिया। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव को INDIA गठबंधन का मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने के सवाल पर अल्लावरु ने कहा कि उचित समय पर सभी सहयोगी मिलकर इस पर फैसला करेंगे। यह बैठक गठबंधन की रणनीति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बिहार में कांग्रेस की स्थिति
कृष्णा अल्लावरु ने बिहार को राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बताते हुए कहा कि यह बैठक बिहार में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगी। उन्होंने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘पढ़ाई में मेहनत न करने वाले छात्र’ की तरह अनुचित साधनों का सहारा ले रहे हैं। बिहार कांग्रेस इस बैठक को एक अवसर के रूप में देख रही है, जिससे न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि मतदाताओं तक भी एक मजबूत संदेश जाएगा। बिहार में कांग्रेस की यह सक्रियता और नेतृत्व की उपस्थिति पार्टी की चुनावी तैयारियों को और मजबूत करेगी।
यह भी पढ़ें- Bihar: जिसकी शादी में पहुंचे थे सीएम नीतीश कुमार, उसे यूपी पुलिस ने क्यों पीटा? गिरिराज सिंह से भी है कनेक्शन