राजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने रविवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में सरकार प्रायोजित जंगलराज चल रहा है, जहां कानून का शासन पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने हाल ही में हुई दुलारचंद यादव की हत्या को इस जंगलराज का जीता-जागता उदाहरण बताया।
सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि हत्या, लूट, अपहरण और संगठित अपराध की घटनाएं बीते कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी हैं, लेकिन सरकार आंकड़ों को छिपाने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और एनडीए नेता हमारी सरकार को जंगलराज कहते नहीं थकते, जबकि असली जंगलराज तो अब चल रहा है, जहां पुलिस को कानून का पालन करने ही नहीं दिया जाता।
दुलारचंद यादव हत्याकांड पर गंभीर सवाल उठाए
सिद्दीकी ने आगे कहा कि इस मामले में वरीय पुलिस अधीक्षक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मृतक को अपराधी बताते हुए उनके खिलाफ मामलों की गिनती तो बताई, लेकिन अनंत सिंह जैसे नेताओं को विधायक कहकर पहले ही क्लीन चिट दे दी गई। उन्होंने कहा कि जब कानून को काम नहीं करने दिया जाता, वही जंगलराज कहलाता है। राजद महासचिव ने आरोप लगाया कि अब चुनाव आयोग भी केंद्र सरकार की एजेंसी बन चुका है और बिहार में एनडीए का प्रायोजित चुनावी जंगलराज चल रहा है। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद मोकामा में अनंत सिंह 40 गाड़ियों के काफिले और हथियारों के साथ घूमते रहे, लेकिन आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पढ़ें: पीएम मोदी के रोड शो में नीतीश के नहीं होने से गरमाई सियासत, कांग्रेस बोली- खेल से बाहर कर दिया
सिद्दीकी ने कहा कि पूरा प्रशासन एनडीए नेताओं के इशारे पर काम कर रहा है। जाति और राजनीतिक निष्ठा के आधार पर अफसरों की पोस्टिंग हो रही है। महागठबंधन समर्थकों पर झूठे मुकदमे लादे जा रहे हैं। यह वही Reign of Terror है, जो कभी फ्रांस में देखा गया था। राजद नेता ने कहा कि एनडीए के शासन में अपराध लगातार बढ़ा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 में जहां संज्ञेय अपराधों की संख्या 1,15,216 थी, वहीं 2024 में यह बढ़कर 3,52,000 से अधिक हो गई। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े तब हैं जब कई मामलों में एफआईआर ही दर्ज नहीं होती। मुख्यमंत्री आवास से ही ट्रांसफर-पोस्टिंग का उद्योग चल रहा है। पुलिस अपराध करवाती भी है और अपराधियों को संरक्षण भी देती है।
‘जंगलराज’ की परिभाषा पर पलटवार
उन्होंने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग अब कहां गायब हो गई? दस साल से डबल इंजन की सरकार है, फिर भी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री चुप हैं। अमित शाह खुद कहते हैं कि बिहार में उद्योग लगाना संभव नहीं क्योंकि जमीन नहीं है। तो क्या बिहार सिर्फ मजदूर सप्लाई करेगा? 2024 के चुनाव से पहले दो SEZ (विशेष आर्थिक क्षेत्र) की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक कागजों से बाहर नहीं आए। पैसा गुजरात चला गया, बिहार खाली हाथ है।
राजद की मांगें
सिद्दीकी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राजद चुनाव आयोग से मांग करता है कि वह अपने संवैधानिक कर्तव्य का पालन करे और आदर्श आचार संहिता का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करे। उन्होंने दुलारचंद यादव हत्याकांड की निष्पक्ष और त्वरित जांच तथा स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को सजा देने की मांग की।