दरभंगा से शुरू हुआ भाजपा-कांग्रेस विवाद अब कैमूर तक पहुंच गया है। शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भभुआ शहर में आक्रोश मार्च निकाला। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता जिला पार्टी कार्यालय में घुस आए, वहां तोड़फोड़ की और कार्यालय सचिव के साथ मारपीट की।
कांग्रेस ने इस मामले में भभुआ थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। आक्रोश मार्च शाहिद भवन कांग्रेस कार्यालय से निकलकर थाना पहुंचा और फिर पूरे शहर में निकाला गया। इसमें जिले के कोने-कोने से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस कार्यालय सचिव महेंद्र राम ने बताया कि कल मैं अकेले कार्यालय पर मौजूद था तभी करीब 15 लोग भाजपा का झंडा लेकर आए और ‘राहुल गांधी मुर्दाबाद’ व ‘भाजपा जिंदाबाद’ के नारे लगाने लगे। वे कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ करने लगे। विरोध करने पर मुझे मारा भी गया और बाहर राहुल गांधी का पुतला फूंका गया।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष राधेश्याम कुशवाहा ने आरोप लगाया कि भाजपा युवा मोर्चा के लोग कार्यालय में घुसे और कुर्सी, दरवाजा सहित तस्वीरें तोड़ दीं। उन्होंने कहा कि कार्यालय परिसर में लगे राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाले चबूतरे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसको लेकर उन्होंने भभुआ थाना में नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ आवेदन दिया है। कांग्रेस की ओर से जिन लोगों पर आरोप लगाया गया है, उनमें ऋषभ प्रताप सिंह, चंदन तिवारी, अजीत पांडे, अमरेश तिवारी, आलोक कुमार, रंजन तिवारी, प्रिंस कुमार, विष्णु जायसवाल, अमित कुमार, जैकलैडू, विकास तिवारी, अविनाश सहित दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं।
बता दें कि विवाद की शुरुआत दरभंगा से हुई थी, जहां कांग्रेस के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द कहे जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद पटना में 29 अगस्त को कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हुई। अब कैमूर में कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप लगाया गया है। भभुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि कांग्रेस की ओर से आवेदन मिला है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।