इंडिया गठबंधन बिहार के 65 लाख मतदाताओं के नाम काटने को लेकर लगातार चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर हमलावर है। राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार में वोटर अधिकार यात्रा निकाली गई है। लेकन, चुनाव आयोग ने जो आकंड़े पेश किए हैं, वह चौंकाने वाले हैं। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में दावों और आपत्तियों की जानकारी दी है। आयोग के मुताबिक अब तक 1.98 लाख लोगों ने अपना नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए आवेदन किया है। वहीं , 29879 लोगों ने सूची में नाम जोड़ने की मांग की है।
इन दो दलों ने दर्ज करवाई आपत्तियां
इतना ही नहीं मतदाता सूची प्रारूप प्रकाशित होने के 30 दिन बाद दो राजनीतिक दल को छोड़कर किसी भी राजनीतिक दल की ओर से दावा या आपत्ति नहीं की गई है। चुनाव आयोग ने शनिवार को मतदाता पुनरीक्षण कार्य का डेली बुलेटिन जारी किया। चुनाव आयोग के अनुसार, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट (लिबरेशन) की ओर से 10 आपत्ति दर्ज करवाई गई है। इनके बीएलए की संख्या 1496 है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद की ओर से 10 आपत्तियां दर्ज करवाई गई है। इनके बीएलए की संख्या 47,506 है।
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99.11 फीसदी लोगों ने अपने दस्तावेज सत्यापन के लिए जमा किए
आयोग के अनुसार, बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) ने अब तक 25 नाम जोड़ने और 103 नाम हटाने के लिए आवेदन किए हैं। फिलहाल 7.24 करोड़ मतदाताओं में से 99.11 फीसदी लोगों ने अपने दस्तावेज सत्यापन के लिए जमा कर दिए हैं।बिहार की अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि नाम जुड़वाने के लिए आधार कार्ड के अलावा 11 अन्य दस्तावेजों को भी मान्य किया जाए। वहीं, चुनाव आयोग ने शीर्ष अदालत से भरोसा जताने की अपील करते हुए कहा है कि बिहार में विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से कराई जा रही है।
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विपक्ष ने चुनाव आयोग की रिपोर्ट पर ऐसा कहा
भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल कुणाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बहुत बड़ी साजिश रच रहा है। हमलोगों ने अब तक 100 से अधिक आपत्तियां दर्ज करवाई है। लेकिन, रिकॉर्ड में केवल 10 ही दिखाया गया है। पहले दिन ही भोजपुर में 13 आपत्ति किए थे। इसमें 10 नए नाम जोड़ने और 3 कटे हुए नाम पर थे। इसको चुनाव आयोग ने दो ही गिना। अब तक हमने 100 से अधिक दावे आपत्तियां दर्ज कराए। इसमें से महज 10 ही गिना गया।