Bihar : बिहार विधान सभा चुनाव प्रचार के दौरान तेजस्वी यादव बाहुबली अनंत सिंह को उम्मीदवार बनाने पर एनडीए पर खूब हमला किया था। अब विपक्ष एक बार फिर अनंत सिंह की चर्चा कर रहा है, क्यों कि वह जेल से आकर विधायक पद की शपथ लेंगे।
बिहार की सियासत में छोटे सरकार के नाम से मशहूर मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। बाहुबली नेता अनंत सिंह को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें जेल में रहते हुए भी विधायक पद की शपथ लेने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद बिहार के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है कि क्या मोकामा के दबंग विधायक फिर से अपनी राजनीतिक जमीन को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी में है।
हत्याकांड में सजायाफ्ता, फिर भी मिली राहत
बिहार विधान सभा चुनाव के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हो गई थी, जिसका आरोप अनंत सिंह पर लगा था। दुलारचंद हत्याकांड सहित कई संगीन मामलों में नामजद और सजायाफ्ता होने के कारण अनंत सिंह की सदस्यता पर तलवार लटकी थी। फिलहाल अदालत के इस आदेश ने उनके समर्थकों में भारी उत्साह है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए विशेष सुरक्षा घेरे में शपथ ग्रहण की अनुमति प्रदान की है। अब उम्मीद है कि बहुत जल्द अनंत सिंह विधान सभा पहुंचेंगे और विधायकी की शपथ लेंगे।
सियासी गलियारों में छिड़ी नई बहस
हालांकि अदालत के इस फैसले ने कानून और राजनीति के जानकारों के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है। इस संबंध में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दोषसिद्धि के बावजूद कुछ विशेष परिस्थितियों में अदालत संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन की अनुमति दे सकती है। राज्य की विपक्षी पार्टियां इस फैसले को लेकर सरकार की घेराबंदी कर रही हैं, वहीं सत्ता पक्ष इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है।