जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में साप्ताहिक समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इसमें जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय तकनीकी और गैर-तकनीकी पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि श्रावण मास के मद्देनजर सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भीड़ नियंत्रण, विधि-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को मजबूत करें। धार्मिक स्थलों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
एएनपीआर कैमरे और चेक पोस्ट से निगरानी
मुख्यमंत्री घोषणाओं का हो रहा अनुपालन
प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा भी बैठक में की गई। राजगीर स्थित ब्रह्मकुंड में महिलाओं के लिए ड्रेसिंग रूम और महिला पुलिस कंट्रोल रूम के निर्माण को लेकर राजगीर अनुमंडल पदाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शिक्षा क्षेत्र में सुधार को लेकर 2430 बच्चों का नामांकन करवाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए "स्कूल चले अभियान" के तहत जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से आंगनवाड़ी से निकले बच्चों के नामांकन को प्राथमिकता दी जा रही है। निजी विद्यालयों में SOP के अनुसार 25% जरूरतमंद बच्चों को प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शीघ्र हो। एकंगरसराय के कोर्थू क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत तत्काल की जाए। जिले में कुल 285 संपर्क सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता पर की जाएगी। इस्लामपुर क्षेत्र में जल स्तर में गिरावट के कारण नल-जल योजना बाधित हुई है। जिलाधिकारी ने PHED के कार्यपालक अभियंता को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। जिले में नल-जल से जुड़ी 646 में से 608 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। शेष 38 पर कार्रवाई जारी है।
कृषि क्षेत्र में राहत
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति के सर्वे की रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। आगामी चुनाव को लेकर सभी मतदान केंद्रों की व्यवस्था, अर्धसैनिक बलों के आवासन, चेक पोस्ट की स्थापना और डिस्पैच सेंटर से संबंधित रिपोर्ट शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों की रही व्यापक भागीदारी