राज्य में 16 अगस्त से 20 सितंबर तक चलने वाले राजस्व महा–अभियान को सफल बनाने के लिए रविवार को पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय कर्मियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) दीपक कुमार सिंह ने कहा कि जमीन के कागजातों में गड़बड़ी और दाखिल-खारिज से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से लोगों के लिए बड़ी चुनौती रही हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य इन समस्याओं का स्थायी समाधान करना है।
ऑनलाइन जमाबंदी सुधार और घर-घर आवेदन
एसीएस ने बताया कि अभियान के दौरान ऑनलाइन जमाबंदी में सुधार, उत्तराधिकार नामांतरण, बंटवारा नामांतरण और छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करने के लिए घर-घर जाकर आवेदन प्रपत्र लिए जाएंगे। टीम ग्रामीणों को जमाबंदी की प्रति और आवेदन प्रपत्र उपलब्ध कराएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका इस अभियान में बेहद महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि वे ही लोगों को जागरूक करने और आवेदन पहुंचाने में सेतु का काम करेंगे।
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तीन चरणों में चलेगा अभियान
आईटी मैनेजर आनंद शंकर ने बताया कि राजस्व महा–अभियान तीन चरणों में संपन्न होगा। इनमें पहला चरण तैयारी का, जो वर्तमान में जारी है। दूसरा चरण आयोजन का और तीसरा चरण निष्पादन का शामिल हैं। अंचलवार माइक्रो प्लान 12 अगस्त तक जारी कर दिया जाएगा, जिसे विभागीय पोर्टल पर भी देखा जा सकेगा। आवेदन जमा होते ही उसका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और आवेदक को स्थिति की जानकारी भी दी जाएगी।
विभागों का संयुक्त सहयोग
एसीएस ने बताया कि अभियान को धरातल पर उतारने के लिए ग्रामीण विकास, पंचायती राज, अनुसूचित जाति-जनजाति और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा। इन विभागों के कर्मचारी भी टीम का हिस्सा बनकर शिविरों के सफल आयोजन में भाग लेंगे। बेहतर काम करने वाले व्यक्तियों और टीमों को जिला एवं राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
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बैठक में विभिन्न संघों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए, जिनमें से कई को तत्काल लागू करने पर सहमति बनी। इस मौके पर विभाग के सचिव गोपाल मीणा, निदेशक चकबंदी राकेश कुमार, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, संयुक्त सचिव अनिल कुमार पांडेय समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।