एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल तथा बिहार शिक्षा विभाग एसीएस केके पाठक
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गर्वनर को पत्र लिखकर बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के बैंक खातों से नियमों के विपरीत अवैध हस्तांतरण और गैरकानूनी तरीके से बैंक खातों को फ्रीज करने के मामलों में संबंधित बैंकों के ऊपर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। उसने कहा कि बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के बैंक खाते अवैध रूप से फ्रीज करने के बाद उत्पन्न हुए वित्तीय संकट से विश्वविद्यालय पूरी तरह ठप पड़ गए हैं।
गर्वनर को लिखे पत्र में एबीवीपी ने आरोप लगाया है कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट 1934 के अनुसार वित्तीय क्षेत्र से जुड़े निर्णयों से जुड़े नियमों को पूरी तरह से अनदेखा करते हुए राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के एक प्रशासनिक अधिकारी के आदेश पर बैंक खातों से अवैध हस्तांतरण तथा बैंक खातों को फ्रीज करने की गैर-कानूनी कार्रवाई हुई है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता तथा सुचारु संचालन में बाधा बने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य शिक्षा सचिव केके पाठक के गैर-कानूनी और अधिनायकवादी निर्णयों के विरोध में कैबिनेट सचिव को भी पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अपर मुख्य शिक्षा सचिव की कारस्तानियों से कैबिनेट सचिव को भी अवगत कराया गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने आरोप लगाया कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के कथित मसीहा के अधिनायकवादी निर्णयों से बिहार का शिक्षा क्षेत्र जो पहले से ही पिछड़ा हुआ है, वह और भी अधिक पिछड़ रहा है। बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के बैंक खातों में छात्रों के जमा पैसे को शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैंकों के साथ सांठ-गांठ से अवैध रूप से हस्तांतरित कर लिया गया, यह अत्यंत शर्मनाक है। विद्यार्थी परिषद ने आरबीआई गर्वनर को पत्र के माध्यम से नियमों की अवहेलना के विषय में अवगत कराया है तथा कार्रवाई की मांग की है। विद्यार्थी परिषद ने कहा है कि उचित कार्रवाई होने तक वह अपना संघर्ष जारी रखेगी।