बिहार को निवेशकों, उद्यमियों और स्टार्ट-अप्स के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि उद्योग विभाग नीतिगत सुधारों, संस्थागत सहयोग और प्रशासनिक संवेदनशीलता के माध्यम से एक सशक्त और निवेशक-अनुकूल औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण हेतु सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
उद्योग मंत्री ने रविवार को बेंगलुरु में आयोजित 'बिहार @2047 विज़न कॉन्क्लेव (सीजन-3)'को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार केवल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस ही नहीं, बल्कि सिक्योरिटी ऑफ डूइंग बिजनेस सुनिश्चित करने के लिए भी ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में राज्य में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तर्ज पर बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (BISF) के गठन की प्रक्रिया चल रही है। BISF का उद्देश्य राज्य भर में उद्यमियों, निवेशकों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करना, संस्थागत संरक्षण सुनिश्चित करना तथा औद्योगिक वातावरण में विश्वास और स्थिरता को मजबूत करना है।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने लेट्स इंस्पायर बिहार के मुख्य संरक्षक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव को लेकर कहा उनमें असाधारण मानसिक दृढ़ता, सकारात्मक ऊर्जा और अटूट प्रतिबद्धता है।
'सामूहिक प्रयास की आवश्यकता'
वहीं, लेट्स इंस्पायर बिहार के मुख्य संरक्षक विकास वैभव, आईपीएस ने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के पुनर्स्थापन के लिए जाति, समुदाय और धर्म से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने विकसित बिहार के निर्माण में उद्यमिता, स्टार्ट-अप्स और नागरिक सहभागिता की भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही अभियान की आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026 में हैदराबाद और नई दिल्ली में बिहार डेवलपमेंट समिट आयोजित करने की योजना है, जिसमें अधिक से अधिक लोगों से भागीदारी की अपील की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैकुंठपुर विधायक मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार में सशक्त औद्योगिक और कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने इस कॉन्क्लेव को उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और निवेशकों को जोड़ने वाला एक प्रभावी मंच बताया। वहीं डेहरी के विधायक राजीव रंजन सिंह (सोनू सिंह) ने उद्यमिता, स्टार्ट-अप और पलायन रोकने के बीच के संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर ही बिहार की समावेशी आर्थिक वृद्धि की कुंजी हैं।
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उल्लेखनीय है कि लेट्स इंस्पायर बिहार के मुख्य संरक्षक विकास वैभव के प्रयास से बेंगलुरु में रविवार को द ऑक्सफोर्ड कॉलेज ऑफ साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के तत्वावधान में बिहार @2047 विज़न कॉन्क्लेव (सीजन–3) का आयोजन किया गया। इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की, जिनमें लगभग 900 उद्यमी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, आईटी प्रोफेशनल्स, विचारक और स्टार्ट-अप प्रतिनिधि शामिल थे। कार्यक्रम में भारत के प्रमुख शहरों के साथ-साथ अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, हांगकांग, वियतनाम, सिंगापुर सहित कई देशों से आए प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
इस मौके पर द ऑक्सफोर्ड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. एस.एन.वी.एल. नरसिम्हा राजू सहित प्रियंका झा, गौतम राज, नवनीत सिंह, डॉ. अशुतोष कुमार, मोहन कुमार झा, सनी राज और आशीष रंजन मौजूद थे।