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Bihar: इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में दिल के मरीजों के लिए बड़ी खुशखबरी, तीसरा कैथलैब जल्द होगा शुरू

Fri, 17 Apr 2026 10:30 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar: पटना स्थित इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में हृदय रोगियों के बेहतर इलाज के लिए तीसरा कैथलैब जल्द शुरू किया जाएगा। इससे एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए मरीजों को अधिक सुविधा मिलेगी और प्रतीक्षा समय कम होगा। 
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इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान - फोटो : सोशल मीडिया
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बिहार में हृदय रोगियों के इलाज के लिए विख्यात इंदिरा गांधी हृदय संस्थान में एक और बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। अस्पताल में मरीजों के त्वरित उपचार के लिए तीसरे कैथलैब का निर्माण किया जा रहा है, जिससे मरीजों को अब हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। इस विषय पर जानकारी देते हुए अस्पताल के लोक सूचना अधिकारी डॉ. अमिताभ ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए तीसरा कैथलैब बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। फिलहाल कैथलैब के निर्माण के लिए बीएमएसआईसीएल ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि इसी वर्ष जून-जुलाई महीने से यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी।

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बीते एक वर्ष में आए 1 लाख मरीज
सूचना अधिकारी डॉ. अमिताभ ने बताया कि बीते एक वर्ष में लगभग 1 लाख मरीजों ने ओपीडी में और करीब 14,600 मरीजों ने इमरजेंसी में हृदय का उपचार करवाया है। अस्पताल में इलाज के लिए बिहार के अलावा अन्य राज्यों के भी मरीज आते हैं। बता दें कि अस्पताल में पहले से दो एडवांस कैथलैब मौजूद हैं, जिनके माध्यम से हृदय रोगियों का उपचार किया जाता है। अस्पताल के निदेशक डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में बाल हृदय योजना, मुख्यमंत्री राहत कोष और आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है।

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आयुष्मान भारत योजना का लाभ
वहीं मरीजों के लिए इस अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसकी मॉनिटरिंग निदेशक एवं आयुष्मान भारत के नोडल पदाधिकारी डॉ. अमिताभ लगातार कर रहे हैं। 280 बेड वाले इस अस्पताल में सीटी एनजीओ की भी व्यवस्था है, ताकि दिल में छेद, कार्डियक अरेस्ट, हार्ट अटैक व अन्य हृदय संबंधी बीमारियों का बेहतर इलाज किया जा सके।

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