Bihar : कभी पीएम मोदी, तो कभी पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने मुस्लिम टोपी पहनने से इनकार कर दिया था। उन्होंने चादर और शॉल को प्राथमिकता दी थी। इसी तरह आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जनता जब मुस्लिम टोपी पहनाने लगी तो उन्होंने उस शख्स का हाथ पकड़ लिया।
मुख्यमंत्री बनते ही सम्राट चौधरी ने काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने पहले दिन ही अधिकारियों को बुलाकर स्पष्ट कर दिया था कि नीतीश कुमार के निश्चय-1 और निश्चय-2 के साथ निश्चय-3 की सारी योजनाएं लगातार चलती रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में काम में कोताही नहीं बरती जाए। इसके साथ ही वह आम जनता से भी मिलने लगे हैं, ताकि लोगों की परेशानी दूर हो सके। वह नीतीश कुमार की तरह ही कांता दरबार लगाने लगे हैं।
इसी दौरान आज एक वाकया हुआ। सम्राट चौधरी जनता दरबार में प्रवेश करते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी जनता दरबार में थे। यह जनता दरबार लगातार तीन दिनों से चल रहा है, जिसमें आम जनता से लेकर पार्टी के कार्यकर्ता उनसे मिल रहे हैं। आम जनता भी अपनी समस्या को लेकर पहुँच रही है, ताकि उनकी समस्याओं का निराकरण हो सके। आज भी कुछ ऐसा ही माहौल था। चारों ओर भारी उत्साह और समर्थकों का हुजूम था। तभी अल्पसंख्यक समाज के कुछ लोग सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात करने के लिए हाथ में गमछा और बुके लेकर खड़े थे। सम्राट चौधरी मुस्कुराकर उनसे मिल रहे थे। इस दरबार में अल्पसंख्यक समाज के लोग बड़ी तादाद में पहुंचे थे, जो लगातार अपने नए मुख्यमंत्री का स्वागत कर रहे थे।
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अल्पसंख्यक समाज के कुछ लोगों ने सबसे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गमछा पहनाया और इसके बाद उन्हीं लोगों में से एक शख्स ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को टोपी पहनाने लगे। लेकिन सम्राट चौधरी ने उस शख्स को टोपी सहित हाथ जोड़कर प्रणाम किया और टोपी अपने सुरक्षा कर्मियों को थमा दी। फिर उस शख्स ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चादर से सम्मानित किया, जिसका उन्होंने हाथ जोड़कर दुबारा अभिनंदन किया। हालांकि यह वीडियो फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।