बरामद किए गए सिलेंडर बम
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उन्होंने आगे बताया कि हालांकि पुलिस ने समय रहते नक्सलियों के मंसूबे पर पानी फेर दिया था। पटना से आई बम निरोधक दस्ते ने लैंड्स माइंस को निष्क्रिय कर दिया था। उस समय मौके से पांच-पांच किलो आईडी बम लगे दो सिलेंडर, डेटोनेटर, एलमुनियम इलेक्ट्रिक दो अदद एक्सप्लोसिव बरामद किया गया था। इसे लेकर तत्कालीन थानाध्यक्ष अरशद राजा के बयान पर नक्सली और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस हुआ था।
डीएसपी राहुल सिंह ने बताया कि उस वक्त माओवादी संगठन के हाथ होने की भी बात सामने आई थी। इस मामले अगिआंव बाजार के कुख्यात छेदी पासवान समेत दस से अधिक लोगों को जेल भेजा गया था। जबकि मुखिया पासवान समेत अन्य फरार चल रहे थे। उन्होंने बताया कि उसकी गिरफ्तारी अगिआंव बाजार से हुई है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वांछित अपने घर में आकर छिपा है जो बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश कर रहा है। सूचना के आधार पर प्रशिक्षु डीएसपी मुकेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई कर अगिआंव बाजार स्थित घर पर घेराबंदी कर वांछित आरोपित मुखिया पासवान को गिरफ्तार कर लिया।
डीएसपी ने बताया कि घटना के बाद से ही वांछित नक्सली अपने अलग-अलग ठिकानों पर छिपा रहता था। नक्सली की गिरफ्तारी भोजपुर पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है। टीम में चरपोखरी थानाध्यक्ष संतोष कुमार और अगिआंव बाजार थानाध्यक्ष प्रियंका गुप्ता समेत अन्य सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।