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Bihar: हल्द्वानी हिंसा में आरा के युवक की गोली लगने से मौत; नौकरी तलाशने गया था उत्तराखंड, गम में डूबा परिवार

Sun, 11 Feb 2024 06:59 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आरा

सार

Haldwani violence Uttarakhand: प्रकाश की मां ने बताया कि मेरी शादी के बाद हम लोगों को बेटा नहीं हो रहा था, जिसकी वजह से हमने कई देवी-देवताओं से मन्नत मांगी। उसके बाद पांच बेटियों के बाद एक बेटे का जन्म हुआ था। उसका व्यवहार इतना अच्छा था कि परिवार समेत पूरे गांव के लोग उसको बहुत मानते थे।
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मृतक प्रकाश कुमार - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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बिहार के आरा से नौकरी की तालाश में निकले युवक की उत्तराखंड के हल्दवानी में हुई हिंसा के दौरान गोली लगने से मौत हो गई। घर की गृहस्थी संभालने के लिए नौकरी की तालाश में निकले युवक प्रकाश के परिवार वालों को उसकी नौकरी मिलने की खबर तो नहीं मिली, लेकिन फोन पर उसकी मौत की सूचना उत्तराखंड पुलिस द्वारा जरूर दे दी गई। खबर मिलने के बाद से पूरे गांव में कोहराम मच गया है और परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है।

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हल्द्वानी हिंसा से दो दिन पहले गया था नैनीताल
जानकारी के मुताबिक, हल्द्वानी हिंसा में मृत युवक आरा के सिन्हा ओपी क्षेत्र के छीनेगांव निवासी श्यामदेव सिंह का बेटा प्रकाश कुमार (24) है। प्रकाश हिंसा भड़कने से दो दिन पहले रोजगार की तलाश के लिए उत्तराखंड के नैनीताल गया था। इस दौरान वहां अचानक भड़की हिंसा में युवक को बनभूलपुरा रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर गोली लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
 
पांच बहनों का था इकलौता भाई
हालांकि उपद्रवियों द्वारा चलाई गोली या फिर पुलिस फायरिंग में प्रकाश की मौत हुई है, यह अभी साफ नहीं हो सका है। लेकिन प्रकाश की मौत की खबर के बाद पूरे परिवार पर दुःख का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है।
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प्रकाश की मां ने बताया कि मेरी शादी के बाद हम लोगों को बेटा नहीं हो रहा था, जिसकी वजह से हमने कई देवी-देवताओं से मन्नत मांगी। उसके बाद पांच बेटियों के बाद एक बेटे का जन्म हुआ था। उसका व्यवहार इतना अच्छा था कि परिवार समेत पूरे गांव के लोग उसको बहुत मानते थे।
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अतिक्रमण हटाए जाने से उपद्रव करने लगे लोग
गौरतलब है कि गुरुवार को बनभूलपुरा में मलिक के बगीचे में अवैध मदरसा और नमाज स्थल को हटाने के दौरान बवाल हुआ था। एक समुदाय के सैकड़ों उपद्रवियों ने पुलिस, नगर निगम और प्रशासन की टीम पर पथराव के बाद क्षेत्र में आगजनी कर दी थी। इसमें 100 से अधिक वाहनों और बनभूलपुरा थाने को फूंका गया था। साथ ही असलहों से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं गई थी। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर जिला प्रशासन ने उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश दिए थे। इस बीच अगले दिन यानी बनभूलपुरा के पास रेलवे पटरी पर 24 साल के एक युवक का शव बरामद किया गया। उसके सिर में तीन गोलियां लगी थीं।

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