पटना हाईकोर्ट की जजों पर कार्रवाई।
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बिहार में नियोजित शिक्षकों के आंदोलन को कुंद करने के लिए गुरुवार से एक हफ्ते तक कोई अवकाश नहीं मिलने का तुगलकी फरमान जारी करने वाले शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक दोपहर होते-होते खुद दूसरे कारण से खबरों में आ गए। पटना हाईकोर्ट ने सीनियर आईएएस अधिकारी केके पाठक के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है।
आदेश तामिला नहीं किया, हाजिर भी नहीं हुए
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पर हाईकोर्ट नाराज था। उन्हें गुरुवार को पटना हाईकोर्ट में हाजिर होना था। हाईकोर्ट ने एक मामले में करीब साढ़े सात साल आदेश जारी किया था, जिसपर अबतक अमल नहीं किया गया था। इसी केस की गुरुवार को सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को सशरीर उपस्थित होने का आदेश था। वह गुरुवार को हाजिर नहीं हुए और अदालत को वकील के जरिए सूचना दिलवाई कि उन्होंने 16 जून 2023 को आदेश पर अमल करवा दिया है, इस आधार पर भौतिक हाजिरी से छूट दी जाए।
अदालत ने कहा- 20 को वारंट से हाजिर कराएं
पटना हाईकोर्ट गुरुवार को सुनवाई के दौरान उनकी गैरहाजिरी से नाराज था। नाराजगी की वजह यह भी थी कि साढ़े सात साल से अदालती आदेश की अवमानना की जा रही थी और जब सशरीर हाजिरी का आदेश दिया गया तो उस आदेश को पूरा कर ऐसी छूट मांगी जा रही थी। कोर्ट ने पाठक के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया और 20 जुलाई को सशरीर हाजिर कराने कहा।
गालीबाजी और विवादों के लिए चर्चित
आईएएस केके पाठक कुछ महीने पहले वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विभागीय मीटिंग में गालीबाजी करते दिखे थे। लगातार दो वीडियो आने के बाद सरकारी अफसरों की ओर से सचिवालय थाने में केस के लिए आवेदन भी दिया गया, लेकिन सरकार ने जांच के नाम पर उन्हें बचा लिया। इसके बाद पिछले हफ्ते वह रामचरितमानस पर विवाद से चर्चित बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखकर के साथ अनबन के कारण सुर्खियों में रहे। शिक्षा मंत्री ने अपने विभाग के अपर मुख्य सचिव के खिलाफ पीत पत्र लिखवाया था, जिनमें उनकी अपमानजनक शब्दावली के अलावा रॉबिनहुड छवि बनाने के प्रयासों की चर्चा की थी।
लालू-नीतीश तक लगे तो मामला ठंडाया
इस पत्र के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि महागठबंधन की दोनों पार्टियों राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जनता दल यूनाईटेड (JDU) के बीच भी ठन गई। आखिरकार राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी के कोटे से शिक्षा मंत्री बने प्रो. चंद्रशेखर को नियंत्रित किया, जबकि दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने आवास पर बैठक कर आईएएस केके पाठक को सीख दी।