पटना में कई जगह गंगा और पुनपुन का पानी निचले इलाकों में घुस गया है।
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पटना में गंगा के साथ पुनपुन, दरधा और महत्माइन नदियों के उफान से बाढ़ का संकट गहरा गया है। गंगा का पानी शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है, जबकि दियारा क्षेत्र के गांव जलमग्न हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर रिकॉर्ड 50.57 मीटर पर पहुंच गया। 2016 के बाद पहली बार ऐसी स्थिति हुई है। 2016 में गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.52 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। दीघा घाट, एलसीटी घाट, कलेक्ट्रेट घाट, गांधी घाट, रानीघाट, महावीर घाट समेत सभी घाटों पर गंगा लबालब है।
दीघा घाट पर मुक्तिधाम डूबने के कारण लोगों को सड़क किनारे दाह संस्कार करना पड़ रहा है। बांस घाट और गुलबी घाट पर यही स्थिति है। इधर, कंगनघाट पर एप्रोच रोड पर पानी घुस गया है। कंगनघाट के पास वाले गुरुद्वारा के इलाके में घुटने भर पानी है। पटना सिटी के 10 से अधिक मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों का हाल बेहाल है। वहीं पटना के दानापुर, पालीगंज, मनेर, मोकामा के कई पंचायत भी बाढ़ की चपेट में हैं। कई इलाकों में पानी कमर तक पहुंच गया है और लोग सड़क किनारे तंबू लगाकर रहने को मजबूर हैं।
पुनपुन के किनारे गांव बेहाल, पालीगंज में सड़कें टूटीं
पटना के दानापुर, मनेर, पालीगंज और मोकामा के कई पंचायतों में भी बाढ़ का असर है। श्रीपालपुर में पुनपुन नदी 6 सितंबर को 53.42 मीटर पर थी, जो खतरे के निशान 50.60 मीटर से 2.82 मीटर ऊपर है। पुनपुन किनारे बसे 17 से अधिक गांवों में पानी पहुंचने से हालात भयावह बने हुए हैं। पालीगंज में मुख्य सड़कों पर दो फीट से अधिक पानी बह रहा है और कटान के कारण कई सड़कें टूट गई हैं। वाहनों की आवाजाही बंद है और ग्रामीण नाव के सहारे जरूरी सामान व सुरक्षित स्थानों तक पहुंच रहे हैं। दियारा के लोगों का कहना है कि उन्हें खाने-पीने के सामान और साफ पानी तक के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। उधर, बिहटा-सरमेरा फोरलेन सड़क भी एक स्थान पर धंस गई है, जहां ह्यूम पाइप से पानी का रिसाव हो रहा है। एनएचएआई मरम्मत में जुटा है।
बाढ़ के कारण आज 10 मेमू ट्रेनें रद्द, कई के रूट बदले गए
पटना में गंगा का पानी घटने के बावजूद इसका असर डाउनस्ट्रीम में दिखाई दे रहा है। हाथीदह में गंगा का जलस्तर छह सितंबर को HFL 43.52 मीटर तक पहुंचने के बाद सात सितंबर सुबह 10 बजे घटकर 43.50 मीटर हो गया। इधर, गया-पटना रेलखंड पर परसा बाजार और पुनपुन के बीच पुल के पास पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। 10 मेमू ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। बाढ़ के बीच पटना के प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य को लेकर लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
भरभरा का गिरा मकान।
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मकान गिरने से छह लोग दबे, अस्पताल में चल रहा इलाज
पटना के मनेर के दियारा क्षेत्र में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। किता चौहत्तर पूर्वी पंचायत के छिहत्तर गांव में बाढ़ के पानी से घिरे एक पक्के मकान के अचानक ढह जाने से अफरातफरी मच गई। हादसे के समय मकान में महेंद्र राय, परोजन राय, निर्मल राय समेत करीब आधा दर्जन लोग मौजूद थे, जो मलबे में दब गए। मकान गिरने की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने तुरंत राहत-बचाव शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पैक्स अध्यक्ष उपेंद्र कुमार के अनुसार, बाढ़ का पानी बढ़ने से मकान कमजोर हो गया था। इसी कारण ऐसा हुआ। हादसे में कुछ लोगों के घायल हुए हैं, जिनका स्थानीय अस्पताल में इलाज कराया गया। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, अंचल अधिकारी पूजा कुमारी ने बताया कि मकान गिरने की सूचना मिली है। राहत और बचाव के लिए एक टीम भेजी गई है। मामले की जानकारी ली जा रही है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। विज्ञा