आग लगते ही मची अफरातफरी
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क्या कहते हैं दुकानदार
दुकानदारों का कहना है कि यहां लगभग 100 वर्षों से हमलोगों की दुकानें हैं। रेलवे इसे जबरन अपना जमीन कह कर हमें हटाना चाहती है। जब मामला न्यायालय में चल रहा है तो फिर अचानक ये हमारी दुकानें क्यों हटा रहे हैं।
डॉक्टरों ने दिल्ली रेफर किया
इस घटना में आग से झुलसने वालों में हार्डवेयर दुकानदार अनिल कुमार और मुन्ना कुमार सहित चार लोग शामिल हैं। घटना के बाद अनिल कुमार को तुरंत अपोलो बर्न अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां स्थिति गंभीर होने की वजह से उन्हें डॉक्टरों ने दिल्ली रेफर कर दिया। डॉक्टर के अनुसार वे 90 फीसदी जल चुके हैं जबकि दो ओपीडी में इलाज कराकर घर चले गए। चौथा शख्स अस्पताल में भर्ती है। लेकिन दिल्ली ले जाने के क्रम में ही अनिल कुमार की मौत हो गई।
क्या कहती है पुलिस
इस संबंध में मेहंदीगंज थाना प्रभारी का कहना है कि यह मामला रेलवे का है। जबकि पटना सिटी के एएसपी अमित रंजन का कहना है कि रेलवे पुलिस अतिक्रमण की जमीन को खाली कराने गई थी। इसी क्रम में एक दुकानदार अनिल कुमार ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। वह 90 फीसदी से अधिक जल चुका है। दुकानदार अनिल को बचाने के क्रम में अन्य दो-तीन लोग आग में झुलस गए। पुलिस मामले की से छानबीन कर रही है।