पप्पू यादव मंगलवार की रात बेगूसराय पहुंचे थे। यहां उन्होंने एक रेप पीड़िता नाबालिग बच्ची के घर पर जाकर उससे और उसके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस मौके पर मौजूद पत्रकारों से वार्ता करते समय उन्होंने यह विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी बच्चियों पर नजर रखनी चाहिए।
जनअधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। उनके विवादास्पद बयान अक्सर चर्चा का मुद्दा बन जाते हैं। इस बार उन्होंने बच्चियों के साथ होने वाली रेप जैसी घटनाओं को लेकर विवादित बयान दे दिया है। जिसको लेकर उनकी आलोचना हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कहा कि इस समय रेप की जितनी घटनाओं हो रही हैं उनके लिए परिवार के लोग ही दोषी हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के लोगों की जिम्मेदारी है कि वह अपनी बेटियों की रक्षा और उनका ध्यान रखें।
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पप्पू यादव ने आगे कहा कि इस समय इस तरह की जितनी भी घटनाएं हो रही हैं, उसमें ज्यादातर घटनाएं दलित और गरीब तबके के लोगों के साथ ही होती हैं। वहीं, ऐसे 90 फीसदी मामलों में अपर मिडिल क्लास के आरोपी होते हैं। उनके ऊंचे रसूख के कारण पीड़िता को न्याय पाने में सालों लग जाते हैं। इतना ही नहीं अधिकांश मामलों में उन्हें न्याय ही नहीं मिल पाता।
दरअसल, पप्पू यादव मंगलवार की रात बेगूसराय पहुंचे थे। यहां उन्होंने एक रेप पीड़िता नाबालिग बच्ची के घर पर जाकर उससे और उसके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस मौके पर मौजूद पत्रकारों से वार्ता करते समय उन्होंने यह विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी बच्चियों पर नजर रखनी चाहिए। उन्हें अकेले कही बाहर नहीं जाने देना चाहिए।
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इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि घरों में मां होती हैं, भाभियां होती हैं, उन्हें बच्चियों पर नजर रखनी चाहिए। उनकी सुरक्षा करनी चाहिए। वहीं, इस दौरान वे सरकार पर भी हमलावर अंदाज में दिखे। सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार पॉर्न, स्मैक और कॉरेक्स पर पूर्णतया रोक नहीं लगा रही है। इन सबके कारण भी रेप की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।
वहीं, पप्पू यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। एक बार फिर राज्य के नेताओं में इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होने वाला है।