Bihar News : सिपाही परीक्षा की यह दौड़ नहीं थी। दोनों सिपाही ही हैं, लेकिन एक भाग रहा था और दूसरा ड्यूटी समझते हुए उसे खदेड़कर पकड़ रहा था। यह जानकर भीड़ जुट गई कि सिपाही ने भागते सिपाही को पकड़ा। पुलिस की गिरफ्त से भागता सिपाही फिर पकड़ा गया।
वैशाली के सराय थाना से शराब बेचने के आरोप में उत्पाद विभाग ने चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया था जिनको कोरोना जांच के लिए अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में कोरोना जांच के दौरान उन चार आरोपी पुलिसकर्मियों में से एक, सुरेश कुमार उन्हें चकमा देकर सदर अस्पताल से फरार हो गया। उसके फरार होते ही तमाम पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। कोरोना जांच कराने लाये पुलिसकर्मी उसे पकड़ने के लिए इधर उधर दौड़-भाग करने लगे। सदर अस्पताल में कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। फिर काफी मशक्कत के बाद फरार सिपाही को उन पुलिसकर्मियों ने खदेड़कर पकड़ लिया।
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आरोपी को खुले हाथ ले गये थे पुलिसकर्मी
पुलिसकर्मी के फरार होने की सूचना मिलते ही पूरे पुलिस महकमा में खलबली मच गई। जिले के तमाम पुलिस पदाधिकारी थाने पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गए। पदाधिकारियों के द्वारा पूछे जाने परअब बड़ी लापरवाही सामने आई। उन पुलिसकर्मियों ने बताया कि अस्पताल ले जाने के क्रम में उन चारों सिपाहियों के हाथों में न तो हथकड़ी लगाईं गई थी और न ही रस्सी से बांधा गया था। अस्पताल ले जाने वाले सिपाही आरोपियों को खुले हाथ ले गये थे। इसी वजह से सुरेश कुमार चकमा देकर फरार हो गया था। सुरेश की गिरफ्तारी के बाद उन सभी आरोपी पुलिसकर्मियों का सदर अस्पताल में चेकअप कराने के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया और फिर उन्हें हाजीपुर कारा मंडल भेज दिया गया।
किस आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
शनिवार को सराय थाना में कुल 3728.220 लीटर शराब का विनष्टीकरण होना था जिसमें कुल 2782.590 लीटर शराब का विनष्टीकरण किया गया। शेष 945.630 लीटर विदेशी शराब को थाना से तस्करी किया जा रहा था। इसी क्रम में उत्पाद विभाग ने सुबह करीब 3:30 बजे कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष समेत चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सराय थाना का थानाध्यक्ष विदुर कुमार, मलखाना प्रभारी मुनेश्वर कुमार, सिपाही सुरेश कुमार और चौकीदार परमेश्वर राम शामिल हैं। एसपी को सूचना मिलते ही वैशाली एसपी ने चारों को को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।