बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन जस्टिस मारकंडेय काटजू पर पलटवार किया है। उन्होंने मारकंडेय काटजू को वक्तव्य देने में संयम बरतते हुए अपने पद की गरिमा का ख्याल रखने की सलाह दी है। गौरतलब है कि मारकंडेय काटजू ने बिहार में मीडिया की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए थे।
नीतीश ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि विपक्ष प्रेस काउंसिल की जिस रिपोर्ट का हवाला देकर बेवजह मामले को तूल दे रहा है, उसे अब तक अपनी स्वीकृति ही नहीं दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काटजू पहले भी बिहार दौरे में विवादास्पद टिप्पणियां करते रहे है, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पटना विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान तथा पुस्तक विमोचन के लिए आयोजित एक समारोह में भी काटजू ने राजनीतिक टिप्पणियां की थी जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है।
नीतिश ने एक अखबार में छपी खबर का हवाला देते हुए कहा कि कई प्रतिष्ठित लोगों ने काटजू की राजनीतिक टिप्पणियों को बेवजह मानते हुए अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की स्पष्ट राय थी कि सामाजिक समारोह में काटजू को राजनीतिक टिप्पणियां नही करनी चाहिए थी।
गौरतलब है कि जस्टिस काटजू ने बीते साल दो बार बिहार का दौरा किया और नीतीश सरकार की आलोचना की थी। काटूज ने कहा था कि बिहार की मीडिया पर सेंशरशिप लागू है और सरकार उन प्रकाशनों को विज्ञापन नहीं देती है जो सरकार की आलोचना करती है।
इसके बाद पिछले साल 25 फरवरी को उन्होंने बिहार की मीडिया की स्थिति की जांच के लिए पत्रकार राजीव रंजन नाग की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। प्रेस काउंसिल के सदस्य अरुण कुमार और कल्याण भरूच इस समिति में शामिल थे।