राज्य के तमाम वरिष्ठ आईएएस अधिकारी यहां मौजूद थे।
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बिहार के आइडिया का क्रेडिट दिल्ली को हरगिज न जाए
जल जीवन हरियाली कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ दो मंत्री और राज्य के मुख्य सचिव से लेकर तमाम सीनियर आईएएस अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में बुके की जगह अतिथियों को पौधे दिए गए, जबकि दीप प्रज्ज्वलन की जगह पौधों के गमले में पानी दिया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आइडिया की बात की। उन्होंने बार-बार यह बताया कि उन्होंने कई ऐसे आइडिया पर काम किया, जिसकी कॉपी अब केंद्र कर रहा है। उन्होंने आइडिया का क्रेडिट लेने की बात के बहाने ही आईएएस अधिकारियों को सीख दी कि "हमारा यह आइडिया बहुत पुराना है। 1998 से हमने बहुत कुछ देखा। केंद्र में अटल जी के साथ काम करते समय अपने आइडिया पर काम करने का मौका मिला। उसके बाद राज्य में सत्तासीन हुए तो लगातार ऐसे आइडिया पर काम किया, जो अब दूसरे लोग ला रहे हैं। आइडिया है, काम करेंगे तो प्रशंसा होगी ही। जनता की प्रशंसा खुद आ रही है। कोई प्रशंसा कर दे तो चक्कर में मत पड़िए। दिल्ली वाले प्रशंसा करें और उसकी चर्चा कहीं कीजिएगा तो लगेगा कि वहीं का काम है। बतवा समझिए। दिल्ली जाने के चक्कर में मत पड़िए। हम कितना इज्जत करते हैं आपलोग की।”
प्रत्यय अमृत को प्रतिक्रिया नहीं देते देख टोका
मुख्यमंत्री ने बीच में हेलीकॉप्टर खरीद और भाजपा का नाम लिए बगैर कहा कि सभी को साथ बैठाकर कई काम शुरू किए, लेकिन आजकल कोई कुछ बोल रहा है तो क्या किया जा सकता है? कार्यक्रम के दौरान उनकी बातों पर मंचासीन आईएएस अधिकारी तालियां भी बजा रहे थे, लेकिन इसी बीच मुख्यमंत्री ने सीनियर आईएएस अधिकारी प्रत्यय अमृत को टोकते हुए कहा- “देखो, बोलो...हमारी बातों से कोई एतराज है क्या, जो चुप हो।...प्रत्यय अमृत को बोल रहे हैं- मुस्कराओ।”