बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की कैबिनेट के विस्तार को लेकर चल रही सभी अटकलों पर आज विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा कि ‘मैंने दशहरा के बाद कहा था इसका मतलब है कि अगले दशहरा से पहले।’ नीतीश कुमार ने राज्य मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जारी अटकलों को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए मंगलवार को कहा मैंने मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना जताई थी इसका मतलब आज या कल में विस्तार नहीं था, बल्कि इसका मतलब अगले दशहरा से पहले।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार के स्थापना दिवस कार्यक्रम में उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि ‘दशहरा के बाद कहा था, इसका मतलब है कि अगले दशहरा से पहले।’
गत सितंबर में जदयू की राज्य कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने दशहरा जो कि गत 19 अक्तूबर को था, के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना जतायी थी। उसके बाद मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नये चेहरों में जदयू के प्रदेश प्रवक्ता एवं बिहार विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार, पूर्व मंत्री अशोक चौधरी और भाजपा के बिहार विधानपरिषद सदस्य संजय पासवान के नाम की चर्चा थी।
हाल में जदयू में शामिल हुए चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें लगायी जा रही थीं लेकिन बाद में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद से यह कहा जा रहा है कि उन्हें पार्टी के काम लगाया गया है।
उल्लेखनीय है कि बिहार के कुछ विभाग में वर्तमान में पूर्णकालिक मंत्री नहीं हैं और मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले को लेकर समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के इस्तीफे के बाद से उक्त विभाग के अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा को सौंपी गयी है।