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असम में भी भाजपा की राह मुश्किल करने में जुटे नीतीश

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने सूबे के बाद अब असम में भी भाजपा के खिलाफ महागठबंधन खड़ा करने की कोशिशों में जुट गए हैं। इस क्रम में बीते हफ्ते उन्होंने पटना में अपने राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर के साथ एआईयूडीएफ के मुखिया बदरुद्दीन अजमल से लंबी बातचीत की है।
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अजमल न केवल महागठबंधन में शामिल होने के लिए तैयार हैं, बल्कि उन्होंने इसमें असम गण परिषद और वामदलों को भी शामिल कराने का भरोसा दिया है। दरअसल, नीतीश की योजना 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले गैरभाजपा ताकतों को देश भर में मजबूत करने की है।

नीतीश अभी से गैरभाजपा राजनीति का चेहरा बनने की कोशिश में हैं। जदयू सूत्रों के मुताबिक भले ही असम के मुख्यमंत्री तरुण गगोई एआईयूडीएफ के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के खिलाफ हैं, मगर कांग्रेस आलाकमान ने महागठबंधन खड़ा करने के मामले में नीतीश को करीब-करीब फ्री हैंड दे दिया है।
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बदरुद्दीन अजमल के साथ पटना में की लंबी बातचीत

मालूम हो कि इससे पहले नीतीश ने ही प्रशांत किशोर की टीम के जरिए सर्वे करा कर कांग्रेस आलाकमान को पार्टी के अकेले चुनाव मैदान में उतरने पर करारी शिकस्त मिलने की संभावना की जानकारी दी थी।

बीते हफ्ते पटना में अजमल और नीतीश की मुलाकात में अजमल ने अपनी पार्टी के लिए 30 से 40 सीटों की मांग की। उन्होंने नीतीश को असम गण परिषद और वाम दलों को भी महागठबंधन में शामिल कराने का भरोसा दिया।

जदयू सूत्रों का कहना है कि इस मामले में कांग्रेस आलाकमान गगोई की राय को अहमियत नहीं देगा। अगर नीतीश भाजपा के खिलाफ एआईयूडीएफ सहित कुछ अन्य दलों को साथ आने में राजी कर पाए तो कांग्रेस आलाकमान गगोई की राय के उलट महागठबंधन में दिलचस्पी दिखाएगा।
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