बिहार मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने यह कहा कि नितीश कुमार के शामन में विकास तो हुआ लेकिन भ्रष्टाचार को नहीं रोका जा सका। नितीश कुमार ने काम बहुत किया लेकिन भ्रष्टाचार बेकाबू हो गया है।
टीओआई में छपी के मुताबिक उन्होंने कहा कि विधायक रहते हुए मैंने भी 25 हजार रुपए के बिजली के बिल के मामले को निपटाने के लिए 5 हजार की घूस दी थी। अगर मैं ऐसा नहीं करता तो मेरे घर का बिजली का कनेक्शन कट जाता।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दस सालों में मध्यवर्ग चोरी कर रहा है और गरीब पिस रहा है। किसी ना किसी को तो पैसा देना ही होगा। कोई भी काम कराना हो। चाहे छोटा बाबू हो या बड़ा बाबू काम कराने के लिए पैसा दो देना मजबूरी है।
और इस सब के बीच में का कभी पूरा नहीं होता। जबकि व्यक्ति का ही काम तमाम हो जाता है। उन्होंने कहा कि नितीश कुमार ने अपने काम करने वाले लोगों को कहा कि वे ईमानदार रहें लेकिन अधिकारी वर्ग और भ्रष्ट हो गया। और यह तो वही बात हो गई कि हमारा पेट खाली लेकिन अधिकारियों की तोंद और बढ़ गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जब भी ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया उन्हें निराशा ही हाथ लगी। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर काम करने के लिए तो काम करने का कोई तरीका ही नहीं हैं। छोटे-छोटे काम करने के लिए आम इंसान को 50 चक्कर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ नई योजनाएँ लागूं की जाएंगी और काम काज के तरीके बदले जाएंगे। किसी भी परिस्थिति में भ्रष्टाचार को नहीं झेला जाएगा।